हाइलाइट्स
- 2026 को कृषि आधारित उद्योगों वर्ष के रूप में मनाया जाएगा।
- 2025 में उद्योग और निवेश के क्षेत्र में काम किया।
- ‘विकसित मध्यप्रदेश’ के संकल्प के साथ होगा काम।
MP New Year Gift : भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने नए साल में किसानों और कृषि को बड़ा फोकस दिया है। सरकार का मुख्य टारगेट हर किसान के खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाना है। प्रदेश में सिंचाई रकबा 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है। सिंचाई के रकबे में निरंतर वृद्धि हो रही है। जल संरक्षण और संवर्धन में मध्य प्रदेश को राष्ट्रीय जल अवार्ड मिला है।
केन-बेतवा राष्ट्रीय परियोजना शुरू हो चुकी है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल राष्ट्रीय परियोजना पर काम चल रहा है। मेगा तापी रीचार्ज परियोजना पर सहमति बनी है।
2026 को कृषि आधारित उद्योगों वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। 2025 में उद्योग और निवेश पर फोकस रहा, अब ‘विकसित मध्यप्रदेश’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ेंगे।
सिंचाई पर बड़ा फोकस
सरकार का लक्ष्य हर खेत तक पानी पहुंचाना है। सिंचाई रकबा बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करना है। जल संरक्षण में राष्ट्रीय अवार्ड मिलना बड़ी उपलब्धि है। केन-बेतवा लिंक परियोजना शुरू हो चुकी है, जो बुंदेलखंड को फायदा देगी।
पार्वती-कालीसिंध-चंबल पर काम तेज है। तापी रीचार्ज पर सहमति से नर्मदा क्षेत्र लाभान्वित होगा। ये परियोजनाएं किसानों की आय बढ़ाएंगी और सूखे से राहत देंगी।
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कृषि आधारित उद्योग वर्ष 2026
2026 को कृषि आधारित उद्योगों वर्ष घोषित किया गया है। फूड प्रोसेसिंग, एग्रो इंडस्ट्री और वैल्यू एडिशन पर फोकस होगा। किसानों को बाजार और बेहतर दाम मिलेंगे। 2025 में निवेश और उद्योग पर काम हुआ, अब कृषि से जोड़कर विकास तेज होगा।
विकसित मध्यप्रदेश का संकल्प
सरकार ‘विकसित मध्यप्रदेश’ के विजन पर काम कर रही है। सिंचाई, कृषि और उद्योग से आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। किसान, युवा और महिलाओं को फायदा मिलेगा। नए साल में ये लक्ष्य पूरा करने की दिशा में तेजी आएगी। यह योजना किसानों के लिए बड़ी राहत है। सिंचाई बढ़ने से उत्पादन और आय बढ़ेगी। कृषि उद्योग से रोजगार मिलेगा। सरकार की यह पहल सराहनीय है।