MP News : नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी और मढ़ई में पर्यटकों को हेलिकॉप्टर से लाने-ले जाने की योजना पर फिलहाल रोक लग गई है। कारण है सतपुड़ा टाइगर रिजर्व का पूरा इलाका इको-सेंसिटिव जोन (ESZ) में आना। पर्यावरण मंत्रालय के नियमों के तहत इस क्षेत्र में व्यावसायिक हेलिकॉप्टर उड़ान और लैंडिंग की अनुमति नहीं दी जा सकती।
मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने PM श्री पर्यटन हेलिकॉप्टर सेवा के लिए जेट सर्वे एविएशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी थी।
कंपनी ने मढ़ई के कामती क्षेत्र में बने हेलीपैड और पचमढ़ी की पुरानी हवाई पट्टी पर नियमित उड़ानें शुरू करने की अनुमति मांगी थी। लेकिन दोनों जगहें सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के इको-सेंसिटिव जोन के अंदर हैं।
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा कुमार ने साफ कह दिया कि केंद्र सरकार की 9 अगस्त 2017 की अधिसूचना के तहत इको-सेंसिटिव जोन में हेलिकॉप्टर, हॉट एयर बैलून, ड्रोन जैसी व्यावसायिक गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित या सख्त नियंत्रण में हैं। इसलिए कंपनी को स्थायी अनुमति नहीं दी जा सकती।
हालांकि उद्घाटन कार्यक्रम के लिए एक दिन की विशेष अनुमति दी गई थी, लेकिन कंपनी ने 30 दिन की मांग की थी, जिसे खारिज कर दिया गया।
अब जिला प्रशासन नई जगह की तलाश में जुट गया है। शुक्रवार को जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन के नेतृत्व में पिपरिया और सोहागपुर के एसडीएम-तहसीलदार की टीम ने मौका मुआयना किया।
मटकुली और सोहागपुर राजस्व क्षेत्र में नया हेलीपैड बनाने की योजना बन रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही नई जगह फाइनल कर ली जाएगी, ताकि पर्यटकों को हेलिकॉप्टर सेवा का लाभ मिल सके।