Sehore News : सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के इछावर विकासखंड में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। साल 2022 में सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए लाखों रुपये की खेल सामग्री खरीदी गई थी, लेकिन दो साल से ज्यादा बीत जाने के बाद भी यह सामग्री बच्चों तक नहीं पहुंच सकी। सारी किटें इछावर के शासकीय मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल के स्टोर रूम में बंद पड़ी हैं और धूल खा रही हैं।
इस सामग्री में फुटबॉल, वॉलीबॉल, बैडमिंटन रैकेट, क्रिकेट किट, थ्रो बॉल, रस्सी, चेस, लूडो सहित कई खेलों का सामान शामिल है। यह सारा सामान इछावर तहसील के सभी प्राथमिक, माध्यमिक और हाई स्कूलों में बांटना था, लेकिन विभाग के अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। नतीजा यह हुआ कि हजारों बच्चों को खेलने का सामान नहीं मिला और सरकारी खजाने का पैसा बेकार पड़ा रहा।
स्थानीय लोग और शिक्षक भी हैरान हैं कि इतने लंबे समय तक किसी ने इसकी सुध नहीं ली। कई स्कूलों में तो बच्चों को पुराने फटे हुए बॉल से ही काम चलाना पड़ रहा है। कुछ स्कूलों ने तो अपनी जेब से छोटी-मोटी खेल सामग्री खरीद ली, लेकिन हर स्कूल के पास इतने पैसे नहीं होते।
शासकीय मॉडल स्कूल के प्रिंसिपल लखनलाल दुगारे ने बताया, “यह सामग्री पूरे इछावर क्षेत्र के स्कूलों के लिए आई थी। चूंकि मॉडल स्कूल बड़ा है, इसलिए इसे यहां रख दिया गया। बांटने की जिम्मेदारी हमारी नहीं है, हमने कई बार ऊपर लिखित में सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।”
अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर दो साल तक सामग्री को गोदाम में क्यों रखा गया? इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी कौन हैं? क्या किसी की लापरवाही की जांच होगी या यह मामला भी दब जाएगा?
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स्थानीय लोग और अभिभावक शिक्षा विभाग से जवाब मांग रहे हैं। कई लोगों ने कहा कि अगर इतने पैसे की खेल सामग्री समय पर बांट दी जाती तो बच्चे खेल-कूद में आगे बढ़ते और स्कूलों में खेल गतिविधियां बढ़तीं।