Bhopal News : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रातीबड़ क्षेत्र में एक 17 साल की मासूम छात्रा ने मां की फटकार सहन नहीं कर पाई और जहर खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मंगलवार रात को जहरीला पदार्थ खाने वाली 12वीं की छात्रा पायल तिलक पुत्री सुरेश तिलक की बुधवार तड़के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरा गांव गम में डूब गया।
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पायल बड़झिरी गांव में अपने परिवार के साथ रहती थी। पुलिस के अनुसार, मंगलवार को वह स्कूल नहीं गई थी। शाम को मां ने पूछा कि बिना वजह छुट्टी क्यों की? जब पायल ने कोई जवाब नहीं दिया तो मां ने नाराजगी में डांट दिया। बस यही बात बच्ची के नाजुक दिल पर लग गई। वह दिन भर खामोश रही और रात में मौका पाकर जहरीला पदार्थ खा लिया।
देर रात जब उल्टियां शुरू हुईं तो बड़े पापा ने कारण पूछा, लेकिन पायल ने कुछ नहीं बताया। तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। घबराए परिजन उसे लेकर अस्पताल दौड़े, लेकिन डॉक्टरों की सारी कोशिशें नाकाम रहीं। बुधवार सुबह करीब 4 बजे,लूसरे दिन उसने दम तोड़ दिया। गांधी मेडिकल कॉलेज में पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
रातीबड़ पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। घर की तलाशी में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। टीआई ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यही सामने आया है कि मां की फटकार से दुखी होकर पायल ने यह कदम उठाया।
पुलिस परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ कर रही है। पायल पढ़ाई में अच्छी थी और 12वीं की तैयारी कर रही थी। उसकी मौत से पूरे स्कूल में शोक की लहर है।
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यह दर्दनाक घटना एक बार फिर अभिभावकों को झकझोर रही है। छोटी-छोटी बातों पर डांट-फटकार से बच्चे कितने आहत हो जाते हैं, यह किसी से छिपा नहीं। मनोचिकित्सकों का कहना है कि आजकल का तनाव, पढ़ाई का दबाव और पारिवारिक अपेक्षाएं बच्चों को तोड़ देती हैं। परिजन अब खुद को कोस रहे हैं कि काश उस दिन डांटा नहीं होता। मां सदमे में हैं और बोल नहीं पा रही हैं।