Bhopal Ijtema 2025 Update : भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल एक बार फिर विश्व स्तर के धार्मिक आयोजन की मेजबानी करने जा रही है। दुनिया के पांच सबसे बड़े इस्लामी सम्मेलनों में शुमार 78वां आलमी तब्लीगी इज्तिमा इस बार 14 नवंबर से 17 नवंबर तक ईंटखेड़ी के घासीपुरा में आयोजित होगा।
दिल्ली मरकज से तारीखों की पुष्टि हो चुकी है और तैयारियां जोरों पर हैं। इज्तिमा कमेटी के मुताबिक इस बार 12 लाख से ज्यादा जायरीन पहुंचने का अनुमान है, जिनमें देश-विदेश के हजारों लोग शामिल होंगे। पिछले साल की तुलना में इंतजामों को 20 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है ताकि हर श्रद्धालु को सुविधा मिले। रेलवे स्टेशन से लेकर इज्तिमा स्थल तक हर जगह विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
बुधवार से होगी शुरुआत
इज्तिमा की शुरुआत बुधवार से हो जाएगी जब देश के कोने-कोने से जमातें भोपाल पहुंचना शुरू होंगी। सबसे ज्यादा भीड़ शुक्रवार से रविवार तक रहेगी। आयोजन स्थल पर 120 एकड़ में विशाल पंडाल तैयार हो रहा है। हजारों वॉलंटियर्स दिन-रात जुटे हैं। पंडाल के अलावा खानपान, पानी की सप्लाई, बिजली और सफाई के इंतजाम दुरुस्त किए जा रहे हैं।
कमेटी के सदस्य डॉ. हफीज ने बताया कि तैयारियों का 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। समापन 17 नवंबर को सामूहिक दुआ के साथ होगा। इस बार सर्विस एरिया, वॉशरूम, फूड जोन और अन्य सुविधाओं के लिए कुल 200 एकड़ जमीन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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जायरीनों की सुविधा के लिए प्रबंध
भोपाल रेलवे स्टेशन पर जायरीनों की सुविधा के लिए खास प्रबंध किए गए हैं। स्टेशन परिसर में करीब 50 हजार लोगों के लिए खाना तैयार रखा जाएगा। रेलवे प्रशासन ने दो ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़ने का फैसला लिया है।
फिलहाल भोपाल-इटारसी एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 11272) और भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 14814) में एक्स्ट्रा कोच लगाए जाएंगे। भीड़ को देखते हुए 2 दिसंबर से चार नए टिकट काउंटर खोले जाएंगे।
इनमें दो प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर बने पंडाल में और दो स्टेशन परिसर में होंगे। रेलवे के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि 150 से ज्यादा ट्रेनें जायरीनों को लेकर आएंगी। स्टेशन पर फ्री पार्किंग की व्यवस्था भी है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जीआरपी, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस के अलावा डायल-112 के जवान तैनात रहेंगे। भोपाल रेलवे स्टेशन से नादरा बस स्टैंड तक 850 पुलिसकर्मी ड्यूटी पर होंगे। दोनों फुट ओवर ब्रिज पर आने-जाने के रास्ते अलग-अलग रखे गए हैं ताकि भीड़ नियंत्रित रहे।
रेलवे स्टेशन पर 500 वॉलंटियर्स
इज्तिमा स्थल पर दमकल की टीमें 24 घंटे अलर्ट रहेंगी। अलग-अलग जगहों पर फायर फाइटिंग वाहन खड़े किए जाएंगे। पार्किंग को पिछले साल के 66 जोन से बढ़ाकर 71 जोन कर दिया गया है। कुल 350 एकड़ में वाहन पार्क होंगे।
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व्यवस्थाओं की कमान 30 हजार लोगों के हाथ में होगी। इनमें इज्तिमा कमेटी के 25 हजार ट्रेंड वॉलंटियर्स और नगर निगम, प्रशासन व पुलिस के 5 हजार कर्मी शामिल हैं। हर शिफ्ट में रेलवे स्टेशन पर 500 वॉलंटियर्स ड्यूटी देंगे। सफाई से लेकर ट्रैफिक तक सब संभालेंगे। कमेटी ने अपील की है कि जायरीन प्लास्टिक का इस्तेमाल न करें और पर्यावरण का खयाल रखें।
क्या है इज्तिमा और कैसे हुई इसकी शुरुआत
आलमी इज्तिमा अरबी शब्द है जिसका मतलब कई लोग एक जगह इकट्ठा होना है। भोपाल में इसकी शुरुआत 1947 में मौलाना इमरान खान ने मस्जिद शकूर खां में सिर्फ 12-14 लोगों से की थी।
दो साल बाद इसे ताजुल मस्जिद में शिफ्ट किया गया। अब यह ईंटखेड़ी में होता है। यहां इस्लामी स्कॉलर्स तकरीरें देते हैं। लोगों को दीन के रास्ते पर चलने, सादगी अपनाने, जकात देने, सूद से बचने और पड़ोसियों के हक की सीख दी जाती है।
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खर्चीली शादियों पर चर्चा होती है। सैकड़ों निकाह बिना दहेज के कराए जाते हैं। यह आयोजन हज और बांग्लादेश के बिस्वा इज्तिमा के बाद दुनिया का तीसरा बड़ा इस्लामी जमावड़ा माना जाता है। भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में ही होता है। भोपाल का इज्तिमा अनुशासन और सादगी की मिसाल है।