Sehore News : सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में किसानों को ठगने वालों पर प्रशासन ने कड़ा शिकंजा कसा है। अमानक और नकली कीटनाशक व बीज बेचने के आरोप में कृषि विभाग ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। एक विक्रेता का लाइसेंस हमेशा के लिए निरस्त कर दिया गया, जबकि पांच अन्य दुकानों पर निलंबन और प्रतिबंध लगा दिया गया। साथ ही 9 कंपनियों के उत्पादों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाई है। यह कार्रवाई किसानों की फसलें बचाने और धोखाधड़ी रोकने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
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कृषि विभाग के उप संचालक अशोक उपाध्याय ने बताया कि केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र, इंदौर से जांच के दौरान ग्राम आमला जोड़ की मेसर्स विकास ट्रेडर्स से लिया गया फ्लॉवरबूम नाइट्रोबेंजीन 50 प्रतिशत नामक कीटनाशक का सैंपल लैब टेस्ट में फेल हो गया।
चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें सक्रिय तत्व की मात्रा दावे के 50 प्रतिशत के मुकाबले सिर्फ 19.54 प्रतिशत ही पाई गई। यह किसानों के साथ सीधा धोखा था, क्योंकि कम मात्रा वाला कीटनाशक फसल को कीटों से नहीं बचा पाता और फसल बर्बाद हो जाती है।
इस गंभीर मामले में विभाग ने फौरन एक्शन लिया। मेसर्स विकास ट्रेडर्स का कीटनाशक बेचने का लाइसेंस तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया गया। इतना ही नहीं, इस प्रोडक्ट को बनाने वाली गुजरात बायो एंड केमीकल्स इंडस्ट्रीज कंपनी के सभी उत्पादों की बिक्री, स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन पर सीहोर जिले में पूरी तरह बैन लगा दिया गया। अब जिले में इस कंपनी का कोई सामान नहीं बिकेगा।
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बीजों में भी मिली मिलावट की शिकायतें
कीटनाशक के अलावा अमानक बीज बेचने वालों पर भी गाज गिरी। सीहोर, बुधनी और भैरूंदा क्षेत्रों के बीज निरीक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर पांच विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए या उन पर सख्त प्रतिबंध लगा दिए गए। इनमें शामिल हैं:
1. मेसर्स बरखेड़ी भोज ऑर्गेनिक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, सीहोर
2. मेसर्स जीवन ट्रेडिंग कंपनी, मंडी सीहोर
3. मेसर्स सोनल पेस्टीसाइड्स, रेहटी
4. मेसर्स शिवशक्ति इरिगेशन, भेरूंदा
5. मेसर्स जीत कृषि सेवा केंद्र, भैरूंदा
इसके अलावा महालक्ष्मी सीड्स, शनसीड्स, अंकुर सीड्स सहित 9 कंपनियों के बीज उत्पादों की बिक्री पर जिले में रोक लगा दी गई। ये कंपनियां अमानक बीज सप्लाई करने के लिए जानी जाती हैं, जिनसे फसल की पैदावार कम होती है और किसान आर्थिक नुकसान उठाते हैं।
किसानों की मेहनत पर पानी फिरने से रोकने के लिए विभाग ने यह कवायद की है। उपाध्याय ने बताया कि रबी सीजन में किसान बड़ी उम्मीद से फसल बोते हैं, लेकिन नकली सामग्री से सब बर्बाद हो जाता है। इसलिए सैंपलिंग अभियान तेज कर दिया गया है। जिले भर में सैकड़ों दुकानों से सैंपल लिए जा रहे हैं।
किसानों से खास अपील
विभाग ने सभी किसानों से गुजारिश की है कि धोखे से बचें और सिर्फ लाइसेंस वाली दुकानों से ही प्रमाणित बीज व कीटनाशक खरीदें। पैकेट पर बैच नंबर, एक्सपायरी डेट और कंपनी की डिटेल्स जरूर चेक करें। अगर कोई सामान संदिग्ध लगे तो तुरंत कृषि विभाग को सूचना दें। हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या निकटतम कृषि केंद्र पहुंचें। विभाग ने वादा किया है कि हर शिकायत पर तुरंत कार्रवाई होगी।