MP News : भोपाल। मध्य प्रदेश में रसोई गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी पर संकट मंडरा रहा है। एलपीजी वितरकों ने कमीशन और होम डिलीवरी चार्ज न बढ़ाने के विरोध में 6 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। डीलरों का कहना है कि सरकार द्वारा दिया जाने वाला डिलीवरी खर्च और प्रशासकीय शुल्क बहुत कम है। महंगाई बढ़ने के बावजूद 5 सालों से कोई वृद्धि नहीं हुई। अगर मांगें पूरी न हुईं तो न केवल डिलीवरी, बल्कि सिलेंडर बिक्री भी रुक जाएगी। इससे लाखों ग्राहक परेशान होंगे।
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आंदोलन का चरणबद्ध रूप
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन एसोसिएशन के अनुसार, आंदोलन 24 अक्टूबर से शुरू हुआ। पहले चरण में डीलरों और कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। कलेक्टर के माध्यम से पेट्रोलियम मंत्रालय को ज्ञापन सौंपा। 29 अक्टूबर को दूसरे चरण में जिला मुख्यालयों पर मशाल और मोमबत्ती जलाकर विरोध प्रदर्शन हुआ। 6 नवंबर को तीसरा चरण। अगर तब तक कमीशन न बढ़ा तो ‘नो मनी नो इंडेंट’ लागू होगा।
छिंदवाड़ा में डीलरों ने बताया कि घर तक गैस पहुंचाना उनका कर्तव्य है। लेकिन चार्ज इतना कम है कि खर्च निकलना मुश्किल। रिद्धि नाहर नाम की डीलर ने कहा, “आंदोलन चरणबद्ध है ताकि सरकार को समय मिले। लेकिन 6 नवंबर से डिलीवरी बंद।”
सतना में कैंडल मार्च
सतना में एलपीजी डीलर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के बैनर तले संचालकों ने सेमरिया चौराहे से पैदल मार्च निकाला। बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष नारेबाजी की। मांगें: डिस्ट्रीब्यूटर कमीशन, होम डिलीवरी चार्ज और प्रशासकीय शुल्क बढ़ोतरी। डीलरों ने कहा, “2022 से मांगें लंबित। कैंडल मार्च सांकेतिक विरोध। अगर न माना तो नो बुकिंग।”
IOC, HPCL और BPCL के डीलर प्रभावित होंगे। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीएस शर्मा ने कहा, “महंगाई के बावजूद शुल्क स्थिर। जबरन गैस सप्लाई भी समस्या।” भोपाल अधिवेशन में यह फैसला लिया गया।
हड़ताल से लाखों परिवार प्रभावित हो रहे हैं। सिलेंडर बुकिंग और डिलीवरी रुकेगी। डीलरों ने अपील की कि सरकार तुरंत कार्रवाई करे। पेट्रोलियम मंत्रालय से 3 महीने का अल्टीमेटम दिया। लेकिन चरणबद्ध आंदोलन तेज करने की तैयारी है।