MP Cough Syrup Case : भोपाल। मध्य प्रदेश में जहरीली कोल्ड्रिफ कफ सिरप से बच्चों की मौतों ने सियासत को गरमा दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल का इस्तीफा मांग लिया। शनिवार को भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस नेता ने कहा कि परासिया में 2 सितंबर से अब तक 26 मासूमों की जान चली गई। सिरप में डायथलीन ग्लायकॉल (DEG) की मात्रा 48.6 प्रतिशत मिली, जो सुरक्षित सीमा 0.1 प्रतिशत से 486 गुना ज्यादा है। यह जहर जैसा असर करता है।
दिग्विजय ने आरोप लगाया कि 2 अक्टूबर को शुक्ल ने सिरप को क्लीन चिट दे दी। जांच पूरी होने से पहले ही कंपनी को बचा लिया। उन्होंने कहा, “ऐसे मंत्री का इस्तीफा न देना क्या सही है?” दिसंबर 2022 में गाम्बिया में 70 और 2023 में उज्बेकिस्तान में 18 बच्चों की मौत भी भारतीय दवाओं के DEG से हुई थी। स्वास्थ्य मंत्रालय को पता था, लेकिन रोक नहीं लगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अलर्ट जारी किया था।
कांग्रेस नेता ने भाजपा पर फार्मा कंपनियों से 945 करोड़ का चंदा लेने का इल्जाम लगाया। इलेक्टोरल बॉन्ड से 35 ऐसी फर्मों ने पैसा दिया, जिनकी दवाएं खराब पाई गईं। “चंदा दो, धंधा लो का खेल चल रहा है,” दिग्विजय बोले।
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नकली दवाओं का कारोबार फल-फूल रहा। प्राइवेट डॉक्टरों के पर्चे पर सिरप बिकी। राज्य स्वास्थ्य समिति के चेयरमैन सीएम मोहन यादव और को-चेयरमैन स्वास्थ्य मंत्री हैं। फिर भी कोई ध्यान नहीं दिया। दिग्विजय ने सीएम से सवाल किए। राज्य स्वास्थ्य समिति ने जिम्मेदारी क्यों नहीं निभाई? जहरीली दवा प्राइवेट डॉक्टरों तक कैसे पहुंची?
एक्सिपिएंट्स जैसे ग्लिसरीन के लिए टेंडर में सर्टिफिकेट अनिवार्य क्यों नहीं? बच्चों की जान पर कमीशन का खेल सरेआम क्यों? केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से पूछा कि गाम्बिया-उज्बेकिस्तान हादसों के बाद भी DEG कंटेमिनेशन क्यों जारी? CDSCO ने सिर्फ 9 फीसदी फैक्ट्रियों का इंस्पेक्शन किया, 36 फीसदी फेल। फिर सरकार सोती क्यों रही?
जन विश्वास अधिनियम 2023 से जेल सजा हटाकर 5 लाख जुर्माना क्यों? फार्मा फंडिंग से नियामक कमजोर क्यों? WHO के मुताबिक 10-25 फीसदी दवाएं फेक हैं, सरकारी खजाने को 52,000 करोड़ का नुकसान। एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेंस से 49,000 अतिरिक्त मौतें, निरीक्षक 70 फीसदी कम क्यों?
मुख्य सचिव से पूछा कि API टेस्टिंग और GMP चेक क्यों नजरअंदाज? CAG ऑडिट 2023 में MP पब्लिक हेल्थ सर्विसेज पर देरी-खर्च का आरोप, दायित्व क्यों नहीं निभाया? तमिलनाडु ड्रग्स कंट्रोल रिपोर्ट (3 अक्टूबर 2025), CDSCO सर्कुलर (4 अक्टूबर) और नागपुर मेडिकल कॉलेज की ऑटोप्सी से साबित होता है कि कमीशनखोरी से जहरीली सिरप बिकी। दिग्विजय ने कहा, यह भ्रष्टाचार का चरम है। सरकार जवाब दे। कांग्रेस ने CBI जांच की मांग की। परिवार दुख में हैं। सख्त कार्रवाई जरूरी।