Child Theft Gang : नई दिल्ली। दिल्ली में बच्चा चोरी के एक बड़े संगठित गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। दिल्ली पुलिस ने इस गैंग के 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से छह बच्चों को सुरक्षित बरामद किया गया है। यह गिरोह बच्चों को चुराकर उन्हें बेचने का गैरकानूनी धंधा करता था। इस मामले में विस्तृत जानकारी साझा करने के लिए दिल्ली पुलिस आज दोपहर 1 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करेगी।
बच्चा चोरी गैंग का मॉड्यूल
दिल्ली में बच्चा चोरी के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, लेकिन इस बार गिरफ्तार किए गए गिरोह का नेटवर्क संगठित और अंतरराज्यीय स्तर का है। पुलिस जांच के अनुसार, यह गैंग दिल्ली-एनसीआर से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में सक्रिय था।
इस तरह के गिरोह सुनियोजित तरीके से काम करते हैं, जिसमें कई स्तरों पर लोग शामिल होते हैं। इनका मॉड्यूल इतना बड़ा है कि यह विभिन्न राज्यों में फैला हुआ है और हर स्तर पर अलग-अलग लोग अपनी भूमिका निभाते हैं।
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संगठित ढंग से बंटा हुआ काम
इस गिरोह में काम का बंटवारा स्पष्ट और सुनियोजित होता है। कुछ सदस्य, खासकर महिलाएं, भीड़-भाड़ वाले स्थानों जैसे रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, अस्पताल, या बाजारों से बच्चों को चुराने का काम करते हैं।
ये लोग बच्चों को आसानी से अगवा करने के लिए उनकी मासूमियत और कमजोर परिस्थितियों का फायदा उठाते हैं। इसके बाद गिरोह के अन्य सदस्य निःसंतान दंपतियों या अन्य मध्यस्थों से संपर्क करते हैं, जो बच्चों को खरीदने के लिए तैयार होते हैं।
कुछ मामलों में गिरोह में फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले लोग या फर्जी डॉक्टर और वकील भी शामिल होते हैं, जो बच्चों की खरीद-फरोख्त को कानूनी जामा पहनाने की कोशिश करते हैं।
बच्चों की कीमत और नेटवर्क
जांच से पता चला है कि यह गैंग बच्चों को 2 से 3 लाख रुपये में बेचता था। इन सौदों में ज्यादातर निःसंतान दंपति या मध्यस्थ शामिल होते हैं, जो बच्चों को अवैध रूप से खरीदते हैं। इस गैंग का नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर से शुरू होकर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश तक फैला हुआ है। ये गिरोह सामाजिक मीडिया और अन्य गुप्त संचार माध्यमों का उपयोग करके अपने ग्राहकों से संपर्क बनाए रखते हैं।
पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और इसके पीछे की पूरी साजिश का पता लगाया जा सके। यह घटना बच्चों की सुरक्षा और मानव तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत को रेखांकित करती है। दिल्ली पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले से जुड़ी और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।