Women Teachers CLC Leave : भोपाल। बच्चों की परवरिश और नौकरी, दोनों जिम्मेदारियां एक साथ निभाने वाली महिला शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने संतान पालन अवकाश (CLC) को लेकर अहम फैसला लिया है। अब स्वीकृत CLC पर रहने वाली महिला शिक्षकों की ई-अटेंडेंस में भी उपस्थिति दर्ज की जाएगी।
इससे उन शिक्षिकाओं को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें अवकाश मंजूर होने के बावजूद रिकॉर्ड में उपस्थिति दर्ज न होने की वजह से परेशानी उठानी पड़ती थी। इस बात पर लोक शिक्षण संचालनालय यानी DPI ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
लंबे समय से उठ रही थी यह मांग
आपको बता दें कि, इस फैसले की मांग काफी लम्बे समय से उठ रही थी, कई महिला शिक्षकों का कहना था कि संतान पालन अवकाश मिलने के बाद भी उनकी ई-अटेंडेंस में अनुपस्थिति दिखाई देती थी। इसके कारण विभागीय रिकॉर्ड और अन्य प्रशासनिक कामों में दिक्कतें आती थीं। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद आखिरकार स्कूल शिक्षा विभाग ने इस मामले पर फैसला ले लिया है।
DPI ने जारी किए निर्देश
लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश भेज दिए हैं। आदेश में बताया गया है कि शिक्षक संवर्ग की जिन महिला शिक्षकों का संतान पालन अवकाश सक्षम अधिकारी द्वारा स्वीकृत किया गया है, उनकी अवकाश अवधि को कार्य दिवसों में उपस्थिति माना जाएगा और उसी अनुसार ई-अटेंडेंस रिकॉर्ड अपडेट किया जाएगा।
शिक्षिकाएं भेज सकेंगी आवेदन
नई व्यवस्था के तहत महिला शिक्षकों को अपने मामलों से जुड़े आवेदन भेजने की सुविधा भी दी गई है। यदि किसी शिक्षिका के मामले में कोई समस्या आती है, तो वह राज्य स्तरीय अभ्यावेदन निराकरण समिति को ई-मेल के माध्यम से आवेदन भेज सकती है।
राज्य स्तरीय समिति करेगी जांच
विभाग के अनुसार, प्राप्त आवेदनों की जांच राज्य स्तरीय समिति करेगी। जांच के बाद पात्र मामलों में निर्णय लेकर स्वीकृत CLC अवधि को ई-अटेंडेंस में उपस्थिति के रूप में दर्ज कराया जाएगा। साथ ही सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को ऐसे मामलों को समय पर समिति तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
हजारों शिक्षिकाओं को मिलेगा फायदा
शिक्षा विभाग के इस फैसले से प्रदेश की बड़ी संख्या में महिला शिक्षिकाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। खासकर उन शिक्षिकाओं को राहत मिलेगी, जो बच्चों की देखभाल के लिए अवकाश लेती हैं और बाद में उपस्थिति रिकॉर्ड से जुड़ी समस्याओं का सामना करती हैं। विभाग का मानना है कि नई व्यवस्था से ऐसी परेशानियां काफी हद तक दूर हो सकेंगी।