MP Industrial Hub : भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के काम से मध्यप्रदेश तेजी से उद्योगों का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। राज्य में करीब 19,300 एकड़ जमीन पर 48 औद्योगिक पार्क तैयार किए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि इसका मकसद ज्यादा कंपनियों को लाना, युवाओं को रोजगार देना और प्रदेश के विकास को तेज करना है।
मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों में ये औद्योगिक पार्क बनाए जा रहे हैं, जहां कपड़ा, मेडिकल उपकरण, जूते-चप्पल और सोलर व पवन ऊर्जा से जुड़े काम होंगे। इससे गांव और छोटे शहरों तक रोजगार के नए मौके बनेंगे और लोगों को अपने ही इलाके में काम मिल सकेगा।
प्रदेशभर में 48 औद्योगिक पार्क तैयार
मध्यप्रदेश में अलग-अलग जगहों पर 48 औद्योगिक पार्क बनाए जा रहे हैं। यहां कपड़ा, मेडिकल उपकरण, फुटवियर और हरित ऊर्जा से जुड़े काम होंगे। सरकार का कहना है कि इससे निवेश बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े मौके बनेंगे।

धार में बनेगा देश का बड़ा टेक्सटाइल पार्क
धार जिले में PM MITRA टेक्सटाइल पार्क तैयार किया जा रहा है जो 2000 एकड़ से ज्यादा जमीन पर बन रहा है। यहां कपड़ा बनाने का पूरा काम एक ही जगह होगा यानी खेत से लेकर कपड़े बनने तक की पूरी प्रक्रिया यहीं पूरी होगी। इससे करीब 3 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है और मध्यप्रदेश का नाम कपड़ा उद्योग में और मजबूत होगा।
उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क से बढ़ेगा स्वास्थ्य क्षेत्र
उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क बनाया जा रहा है जहां अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बनाए जाएंगे। इससे देश में ही मेडिकल सामान तैयार होगा और बाहर से मंगाने की जरूरत कम होगी। साथ ही युवाओं को नए रोजगार मिलेंगे और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
मुरैना में फुटवियर और लेदर उद्योग को बढ़ावा
मुरैना में फुटवियर और लेदर क्लस्टर तैयार किया जा रहा है। यहां जूते-चप्पल और चमड़े से जुड़े सामान बनाए जाएंगे। इससे छोटे कारीगरों और स्थानीय लोगों को काम मिलेगा और निर्यात के मौके भी बढ़ेंगे।
नर्मदापुरम में रिन्यूएबल एनर्जी का काम
नर्मदापुरम में सोलर और पवन ऊर्जा से जुड़े उपकरण बनाने का काम किया जाएगा। इससे साफ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और नई तकनीक का विकास होगा।
निवेश के लिए बेहतर हो रहा माहौल
सरकार मध्यप्रदेश को निवेश के लिए और आसान बनाने पर काम कर रही है। इसके लिए जमीन, बिजली, पानी और ट्रांसपोर्ट जैसी सुविधाएं मजबूत की जा रही हैं। राज्य की भौगोलिक स्थिति भी उद्योगों के लिए फायदेमंद है क्योंकि यहां से बड़े बाजारों तक पहुंच आसान है।
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युवाओं को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा
इन सभी औद्योगिक पार्कों और प्रोजेक्ट्स से सबसे ज्यादा फायदा युवाओं को होगा। लाखों नए रोजगार के मौके बनेंगे, लोग अपने ही शहर और जिले में काम कर पाएंगे और छोटे व्यापार भी तेजी से आगे बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। धार, उज्जैन, मुरैना और नर्मदापुरम जैसे जिलों में बन रहे ये बड़े प्रोजेक्ट प्रदेश की तस्वीर बदल सकते हैं। अगर ये योजनाएं समय पर पूरी होती हैं तो मध्यप्रदेश आने वाले समय में देश के बड़े औद्योगिक राज्यों में शामिल हो सकता है।