MP breaking news : मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन। आगरा-मुंबई हाईवे पर 580 किलोमीटर के दायरे में 7 जगह चक्काजाम, कई जिलों में यातायात बाधित, हजारों यात्री प्रभावित।
580 किलोमीटर में 7 जगह चक्काजाम, हाईवे ठप
मध्य प्रदेश में किसानों के मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने गुरुवार को बड़ा आंदोलन किया। पार्टी ने आगरा–मुंबई हाईवे पर खलघाट से मुरैना तक लगभग 580 किलोमीटर के दायरे में 7 अलग-अलग स्थानों पर चक्काजाम किया।
इस दौरान कई घंटों तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा और हजारों यात्री जाम में फंस गए।
Gwalior kidnapping case : 24 घंटे बाद भी छात्रा और आरोपी बेसुराग, शादी का दबाव और धमकियों का मामला
इंदौर, ग्वालियर, मुरैना समेत कई जिलों में प्रदर्शन
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कई प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शन किया, जिनमें शामिल हैं:
- इंदौर बायपास
- शाजापुर का रोजवास टोल प्लाजा
- ग्वालियर (निरावली तिराहा और NH-44)
- महू
- मुरैना
- भिंड और आसपास के क्षेत्र
इंदौर में प्रदर्शन के कारण करीब 1.5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
जीतू पटवारी का बड़ा बयान
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि पार्टी ने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया था और तय समय के बाद कार्यकर्ता स्वतः हट गए।
उन्होंने चेतावनी दी कि—
- किसानों की मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन पंचायत स्तर तक जाएगा
- जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर “तालाबंदी” की जाएगी
उमंग सिंघार का सरकार पर हमला
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा:
- किसान अपनी फसल सड़क पर फेंकने को मजबूर हैं
- सरकार सिर्फ राजनीतिक दिखावे में व्यस्त है
- किसान की उपज की कोई सुनवाई नहीं हो रही
उन्होंने बीजेपी सरकार पर व्यंग्य करते हुए कहा कि वह “झालमुड़ी खाने” में व्यस्त है।
सरकार का पलटवार
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस के प्रदर्शन को गैर-जिम्मेदाराना बताया। उन्होंने कहा कि जिस दिन 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं शुरू हो रही थीं, उसी दिन हाईवे जाम करना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
उन्होंने कहा कि इसका असर परीक्षा देने वाले छात्रों पर पड़ा और इससे आम जनता को भी परेशानी हुई।
पुलिस की कार्रवाई, कई नेता हिरासत में
- ग्वालियर और मुरैना में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाया
- कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया
- ट्रैफिक को डायवर्ट कर यातायात बहाल कराया गया
- पुलिस ने कहा कि जबरन जाम लगाने वालों पर कार्रवाई होगी
हाईवे जाम के कारण:
- हजारों यात्री घंटों फंसे रहे
- कई जगह लोग पैदल निकलते दिखे
- एक बारात भी करीब एक घंटे तक जाम में फंसी रही
किसानों के मुद्दे पर शुरू हुआ यह आंदोलन अब कांग्रेस और बीजेपी के बीच बड़े राजनीतिक टकराव में बदल गया है। कांग्रेस इसे किसानों की आवाज बता रही है, जबकि सरकार इसे राजनीतिक प्रदर्शन करार दे रही है।