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Sevadham Ashram Case : सेवाधाम आश्रम में 17 बच्चों की मौत… इंदौर से उज्जैन भेजे गए 86 में से गई जान, सभी मौतों का कारण ‘सांस लेने में तकलीफ’

Sevadham Ashram Case

हाइलाइट्स

  • इंदौर के युगपुरुष आश्रम से 86 बच्चों को उज्जैन भेजा गया था।
  • इनमें से 17 बच्चों की जनवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच मौत।
  • सभी मौतों का कारण ‘सांस लेने में तकलीफ’ दर्ज।
  • एक साल में आश्रम में कुल 38 मौतें दर्ज होने की जानकारी।
  • 13 वर्षीय राहुल 5 फरवरी 2026 से लापता।
  • मामला विधानसभा में उठा, आयुक्त ने कलेक्टर से रिपोर्ट मांगी।

Sevadham Ashram Case : भोपाल/उज्जैन। मध्यप्रदेश में दिव्यांग और अनाथ बच्चों की देखरेख के लिए चल रहे आश्रमों की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

उज्जैन स्थित सेवाधाम आश्रम में इंदौर से भेजे गए 86 विशेष बच्चों में से 17 बच्चों की मौत हो चुकी है। सभी की मौत का कारण ‘सांस लेने में तकलीफ’ बताया गया है। इस खुलासे के बाद प्रशासन और सरकार दोनों पर जवाबदेही का दबाव बढ़ गया है।

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जानकारी के अनुसार, उज्जैन जिला अस्पताल और विद्युत शवदाह गृह के रिकॉर्ड की जांच में सामने आया है कि जिन 86 बच्चों को इंदौर के युगपुरुष आश्रम से यहां शिफ्ट किया गया था, उनमें से 17 की जनवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच मृत्यु हो गई।

इंदौर का आश्रम बंद होने के बाद किया गया था स्थानांतरण

दरअसल, 25 दिसंबर 2024 को राज्य सरकार के निर्देश पर इंदौर के युगपुरुष आश्रम को बंद कर दिया गया था। इससे पहले जून-जुलाई 2024 में वहां हैजे से 10 बच्चों की मौत हो गई थी।

जांच में यह भी सामने आया था कि आश्रम प्रबंधन ने केवल 5 मौतों की जानकारी दी थी, जबकि 5 बच्चों के शव बिना पोस्टमार्टम के परिजनों को सौंप दिए गए थे।

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युगपुरुष आश्रम बंद होने के बाद वहां रह रहे 86 विशेष बच्चों 34 लड़के और 52 लड़कियां को उज्जैन के सेवाधाम आश्रम में भेजा गया। इन बच्चों की उम्र 5 से 23 वर्ष के बीच थी।

एक महीने के भीतर शुरू हुई मौतें

बच्चों को उज्जैन भेजे जाने के लगभग एक महीने बाद, 23 जनवरी 2025 से मौतों का सिलसिला शुरू हो गया। रिकॉर्ड के अनुसार, सभी बच्चों को सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

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जनवरी 2025 से 13 जनवरी 2026 तक 17 बच्चों की मौत दर्ज की गई। इतना ही नहीं, उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच सेवाधाम आश्रम में कुल 38 लोगों की मौत हुई है।

पहले भी उठ चुके हैं सवाल

यह पहला मामला नहीं है जब सेवाधाम आश्रम विवादों में आया हो। वर्ष 2022 में भी यहां एक सप्ताह के भीतर 5 बच्चों की मौत हुई थी।

इसके बावजूद इस आश्रम में बच्चों को स्थानांतरित करने के फैसले पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

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13 साल का राहुल 18 दिन से लापता

इंदौर से उज्जैन भेजा गया 13 वर्षीय राहुल 5 फरवरी 2026 से लापता है। वह आश्रम से बिना बताए चला गया। आश्रम प्रबंधन ने भैरवगढ़ थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई है। अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है।

विधानसभा में गूंजा मामला

सेवाधाम आश्रम में लगातार हो रही मौतों का मामला विधानसभा में भी उठा।

नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से पूछा कि क्या बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच हो रही थी? क्या पर्याप्त ऑक्सीजन, इलाज और निगरानी की व्यवस्था थी? और क्या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी?

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मामले की गंभीरता को देखते हुए आयुक्त दिव्यांगजन डॉ. अजय खेमरिया ने उज्जैन कलेक्टर से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है। साथ ही प्रदेशभर के सभी आश्रमों का ऑडिट कराने और बच्चों की नियमित चिकित्सकीय जांच सुनिश्चित करने की मांग भी उठी है।

बड़े सवाल खड़े

  • अगर सेवाधाम आश्रम का रिकॉर्ड पहले से विवादित था, तो बच्चों को यहां क्यों भेजा गया?
  • क्या बच्चों को समय पर और पर्याप्त इलाज मिला?
  • क्या मौतों की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच होगी?
  • आश्रमों की निगरानी की जिम्मेदारी किसकी है?

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फिलहाल जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इन मौतों के पीछे वास्तविक कारण क्या हैं और जिम्मेदारी किसकी तय होगी।

यह मामला प्रदेश में संचालित आश्रमों की व्यवस्था, निगरानी और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।

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