हाइलाइट्स
देश के 20 से अधिक राज्यों के आदिवासी इस महोत्सव में हैंडलूम आर्टिस्ट और शिल्पकार शामिल हुए हैं। यहां हर राज्य की अपनी अलग पहचान वाली कला, कढ़ाई और हस्तशिल्प देखने को मिल रही है, जो लोगों को खूब आकर्षित कर रही है।
कई राज्यों की कला एक ही मंच पर
आदि महोत्सव में पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, झारखंड, महाराष्ट्र, असम और नॉर्थ ईस्ट के राज्यों से आए कलाकार शामिल हैं। यहां कांथा वर्क की साड़ियां, सिल्क फैब्रिक, टसर, मूगा और एरी सिल्क के कपड़े, बांस से बने उत्पाद, पॉटरी, बेल मेटल और पारंपरिक आदिवासी ज्वेलरी की बड़ी रेंज उपलब्ध है।
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भोपालवासियों के लिए खास आकर्षण
भोपाल हाट में सजी यह रंग-बिरंगी बाजार भोपालवासियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यहां खरीदारी के साथ-साथ लोग देश की आदिवासी संस्कृति को करीब से जान और समझ पा रहे हैं। हर स्टॉल पर अलग राज्य की संस्कृति और परंपरा की झलक देखने को मिल रही है।
आदिवासी कलाकारों को मिल रहा मंच
ट्राइफेड की डिप्टी जनरल मैनेजर प्रीति मैथिल ने बताया कि यह आयोजन जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत ट्राइफेड द्वारा किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आदिवासी कलाकारों और कारीगरों को सीधा बाजार उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने बनाए उत्पाद सीधे लोगों तक पहुंचा सकें।
10 दिनों तक चलेगा महोत्सव
आदि महोत्सव करीब 10 दिनों तक भोपाल हाट में आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान लोग न केवल आदिवासी उत्पाद खरीद सकते हैं, बल्कि उनकी संस्कृति, कला और परंपराओं को भी करीब से महसूस कर सकते हैं।
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आयोजकों को उम्मीद है कि भोपाल के लोग बड़ी संख्या में यहां पहुंचकर आदिवासी समुदाय के उत्पादों को अपनाएंगे और उन्हें प्रोत्साहित करेंगे।