हाइलाइट्स
- प्रदेश के कई कलेक्टरों को सीएस की फटकार।
- कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस समीक्षा बैठक।
- मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कलेक्टरों को दी नसीहत।
Collector-Commissioner Conference : भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कई जिलों में कलेक्टरों के खिलाफ मिल रही शिकायतों पर बुधवार को कड़ी नाराजगी जताई। कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की दूसरी समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि “कोई यह न समझे कि सब कुछ छिपा रहता है। किसके यहां क्या पक रहा है? इसकी पूरी जानकारी रहती है।”
कलेक्टरों एक करप्शन की खबर PMO तक
मुख्य सचिव ने कहा कि मध्यप्रदेश के हर प्रशासनिक मूवमेंट पर पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) नजर रखता है। कलेक्टर चाहे नवाचार करें या किसी तरह की करप्शन जैसी स्थिति में लिप्त हों, पीएमओ तक इसकी जानकारी पहुंचती है। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी कलेक्टरों की हर एक्टिविटी की जानकारी रखते हैं।
क्या बोले मुख्य सचिव अनुराग जैन
सीएस अनुराग जैन ने अफसरों को करारा संदेश दिया- “कई बार सीएम कहते हैं कि कोई भी कलेक्टर बिना पैसे लिए काम नहीं करता। इसलिए कलेक्टरों की जिम्मेदारी है कि वे अपने आचरण संयमित रखें और किसी तरह की शिकायत की स्थिति न आने दें।”
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बैठक में टॉप-3 और बॉटम-3 जिलों की जानकारी की साझा
मुख्य सचिव ने 7 और 8 अक्टूबर को हुई कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के 85 बिंदुओं की जिलावार समीक्षा की। बैठक में टॉप-3 और बॉटम-3 जिलों की जानकारी साझा की गई। कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों को सुधार के सख्त निर्देश दिए गए।
‘मुस्कान अभियान’ की समीक्षा में बताया गया कि 1900 से अधिक बालिकाओं की बरामदगी हुई है। जन जागरूकता में टीकमगढ़, धार और सिंगरौली टॉप रहे, जबकि पन्ना, मुरैना और भिंड बॉटम पर।
नया सिस्टम लागू करने के निर्देश
राजस्व विभाग की कार्यशैली पर भी मुख्य सचिव ने असंतोष जताया। आरसीएमएस (Revenue Case Management System) में मामलों के निराकरण में देरी पर कहा कि कलेक्टरों का कंट्रोल नहीं दिख रहा। कई मामलों में निराकरण के बाद भी केस दर्ज किए जा रहे हैं।
बैठक में एक अधिकारी द्वारा अपनी आईटी कंपनी को काम देने के लिए मामला रोकने का मामला भी सामने आया। मुख्य सचिव ने पहले ही तीन बार नया सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए थे।
बैतूल कलेक्टर पर बरसे मुख्य सचिव
बैतूल कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने बैठक में मोबाइल फोन चलाया, जिस पर मुख्य सचिव ने खुलकर नाराजगी जताई। मनरेगा की प्रगति पर भी असंतोष व्यक्त किया गया।
मुख्य सचिव ने कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि वे माह में कम से कम दो दिन संयुक्त बैठक और दौरा करें। कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों में समन्वय जरूरी है।
समय रहते सुधार न होने पर कार्रवाई
अवैध खनिज कारोबार, एससी-एसटी मामलों में देरी और पुराने शासकीय वाहनों को स्क्रैप करने पर भी सख्त निर्देश दिए गए। बैठक की तारीखें चार बार बदलीं, आखिरकार बुधवार को हो पाई। मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि पीएमओ और सीएम दोनों की नजर है। समय रहते सुधार न होने पर कार्रवाई होगी।