हाइलाइट्स
- स्लाटर हाउस की टेंडर प्रक्रिया को लेकर सांसद आलोक शर्मा ने उठाए सवाल।
- नगरीय प्रशासन विभाग में टेंडर की पूरी प्रक्रिया की जांच होनी चाहिए।
- नगर निगम तो सिर्फ सील ठप्पा लगाकर आदेश के इंप्लीमेंटेशन के लिए रह गया।
Bhopal Cow Slaughter Controversy : मध्य प्रदेश। भोपाल के जिंसी स्लॉटर हाउस में गौकशी और गोमांस तस्करी के मामले में अब सियासी घमासान बढ़ गया है। इस बार विवाद के बीच BJP सांसद आलोक शर्मा ने अपनी ही सरकार के विभाग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्लॉटर हाउस की टेंडर प्रक्रिया को लेकर नगरीय प्रशासन विभाग पर निशाना साधा है।
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क्या बोले सांसद आलोक शर्मा
सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि टेंडर की पूरी प्रक्रिया नगरीय प्रशासन विभाग में होती है, इसलिए इसकी जांच होनी चाहिए। नगर निगम तो सिर्फ सील-ठप्पा लगाकर आदेश के इंप्लीमेंटेशन के लिए रह गया है। उन्होंने मांग की कि उस समय के ACS (नगरीय विकास), CS और निगम कमिश्नर से पूछताछ होनी चाहिए।
उच्च स्तरीय जांच के लिए ACS को पत्र
सांसद ने उच्च स्तरीय जांच के लिए ACS (नगरीय विकास) को पत्र लिखा है। निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने भी ACS को पत्र लिखकर मामले की जांच की मांग की है। कमिश्नर ने 20 पेज का एक प्रतिवेदन भी तैयार कर भेजा है।
लापरवाही और संभावित मिलीभगत
आलोक शर्मा ने कहा कि स्लॉटर हाउस का टेंडर जारी होने के समय के अफसरों से पूछताछ जरूरी है। अगर टेंडर प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ गौकशी का नहीं, बल्कि विभागीय लापरवाही और संभावित मिलीभगत का भी है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब हिंदू संगठन महापौर मालती राय के बंगले का घेराव कर चुके हैं। सांसद के सवालों से BJP के अंदर भी असहजता है। विपक्ष कांग्रेस इसे सरकार की नाकामी बता रही है।
पुलिस ने पहले ही स्लॉटर हाउस संचालक असलम चमड़ा को जेल भेजा है। लेकिन सांसद का कहना है कि यह सिर्फ एक कड़ी है, पूरा नेटवर्क जांच के दायरे में होना चाहिए। भोपाल में गौकशी का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। सांसद आलोक शर्मा के सवालों से सरकार पर दबाव बढ़ गया है।