MP Administrative Expenses Cuts : भोपाल। मध्यप्रदेश में अफसरों की फिजूलखर्ची पर अब सख्त लगाम लग गई है। वित्त विभाग ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं कि चालू वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही (31 मार्च तक) में नई गाड़ियां खरीदने, कार्यालयों में एयर कंडीशनर लगाने, फर्नीचर या महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (लैपटॉप, मोबाइल आदि) खरीदने के लिए कोई बजट आवंटन नहीं किया जाएगा।
अफसर फिजूलखर्ची न करें
यह निर्देश विधानसभा के फरवरी में शुरू होने वाले बजट सत्र की तैयारियों के बीच आया है। वित्त विभाग ने अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा है कि तीसरे अनुपूरक बजट में इस तरह के किसी भी प्रस्ताव को शामिल नहीं किया जाएगा। विभाग का साफ संदेश है- अफसर फिजूलखर्ची न करें और उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल केवल जरूरी विकास कार्यों और जन कल्याण योजनाओं पर करें।
गैर-जरूरी खर्चों से सरकारी खजाने पर बोझ
वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि गैर-जरूरी खर्चों से सरकारी खजाने पर बेवजह बोझ पड़ता है। पिछले कुछ वर्षों में कई विभागों ने बिना जरूरत के गाड़ियां, एसी और फर्नीचर खरीदे थे।
अब ऐसी खरीद पर पूरी रोक लगा दी गई है। विभाग ने कहा है कि सभी प्रस्ताव विकास कार्यों से जुड़े हों और लग्जरी या व्यक्तिगत सुविधाओं से संबंधित न हों।
यह फैसला प्रदेश में वित्तीय अनुशासन लाने की दिशा में बड़ा कदम है। बजट सत्र में तीसरा अनुपूरक बजट पेश होगा, जिसमें विकास कार्यों के लिए ही अतिरिक्त राशि मांगी जाएगी। सरकार का फोकस अब इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य और किसान कल्याण पर ज्यादा रहेगा।
Bhojshala Basant Panchami 2026 : दिग्विजय सिंह की मांग, दोपहर 1-3 बजे नमाज के लिए समय छोड़ा जाए
गाड़ियां और फर्नीचर खरीद के प्रस्ताव रद्द
अधिकारियों को अब सख्ती से काम करना होगा। कई विभागों में पहले से ही गाड़ियां और फर्नीचर की खरीद के प्रस्ताव तैयार थे, लेकिन अब वे रद्द हो जाएंगे। वित्त विभाग ने सभी विभागों से कहा है कि जरूरी कामों के लिए ही प्रस्ताव भेजें। फिजूलखर्ची पर रोक से बजट का बेहतर उपयोग होगा और विकास कार्य तेज होंगे।