Vijay Shah Controversy : भोपाल। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह की कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए विवादित बयान के मामले में केंद्र और राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि मंत्री की ऑनलाइन माफी में बहुत देर हो चुकी है और यह कानूनी जिम्मेदारी से बचने का तरीका नहीं बन सकती।
पांच महीने पहले SIT ने की थी मुकदमे की सिफारिश
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने राज्य सरकार से सवाल किया कि विशेष जांच दल (SIT) ने पांच महीने पहले ही विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की सिफारिश कर दी थी, लेकिन अब तक कोई फैसला क्यों नहीं लिया गया।
तुरंत कार्रवाई जरूरी
कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकार को दो हफ्ते के अंदर इस रिपोर्ट पर निर्णय लेना होगा। बेंच में चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्या बागची शामिल थे। कोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट में अन्य मामलों का भी जिक्र है, जिन पर भी तुरंत कार्रवाई जरूरी है।
पिछले साल हुई थी विवाद की शुरुआत
विवाद की शुरुआत पिछले साल 11 मई को हुई थी। महू के रायकुंडा गांव में एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री विजय शाह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस बयान के बाद FIR दर्ज हुई थी। विजय शाह ने इस FIR को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
सुनवाई के दौरान क्या बोले सीनियर वकील
सुनवाई के दौरान शाह की ओर से सीनियर वकील ने कोर्ट को बताया कि मंत्री ने माफी मांग ली है और जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। कोर्ट ने इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक माफी कानूनी प्रक्रिया से बचने का कोई रास्ता नहीं है। खुफिया विभाग के डीआईजी भी इस सुनवाई में मौजूद थे।
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दिए निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को साफ निर्देश दिए हैं। कानून के अनुसार तुरंत कार्रवाई करें। SIT की रिपोर्ट पर दो हफ्ते में फैसला लें। अगर कोई अन्य मामले रिपोर्ट में हैं तो उन पर भी कार्रवाई करें। सुप्रीम कोर्ट के इस सख्त रुख से राज्य सरकार पर दबाव बढ़ गया है। अगले दो हफ्तों में इस मामले में बड़ा फैसला आने की संभावना है।