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Panchayat Secretaries Strike : हरदा में पंचायत सचिवों की हड़ताल, एडिशनल CEO पर मर्डर केस दर्ज करने की मांग

Harda Panchayat Secretaries Strike

Harda Panchayat Secretaries Strike : हरदा। मध्य प्रदेश पंचायत सचिव-सहायक सचिव संयुक्त मोर्चा ने सोमवार को जिला कलेक्टर सिद्धार्थ जैन को ज्ञापन सौंपकर बड़ा प्रदर्शन किया है। संगठन ने जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) प्रवीण कुमार इवने के खिलाफ न्यायिक जांच और हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। मोर्चा का आरोप है कि अतिरिक्त सीईओ की प्रताड़ना और मानसिक दबाव के कारण उनके साथी ग्राम पंचायत सचिव ओमप्रकाश गुर्जर की मौत हो गई।

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जांच समिति की प्रताड़ना की वजह से मौत

संगठन अध्यक्ष भगत लेगा ने ज्ञापन में विस्तार से आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अतिरिक्त सीईओ प्रवीण कुमार इवने ने आर्थिक और मानसिक दबाव बनाया, जिसके चलते सचिव ओमप्रकाश गुर्जर की मौत हुई। जांच समिति द्वारा लगातार प्रताड़ना और दबाव के कारण यह घटना घटी।

ज्ञापन में मर्डर केस दर्ज करने की मांग

ज्ञापन में ग्राम पंचायत पलासनेर के शिकायतकर्ता नारायण गुर्जर, अजय मिश्रा और पत्रकार राजेंद्र कुमार बिल्लोरे तथा अमित बिले पर भी मानसिक दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है। इन सभी के खिलाफ उचित कार्रवाई और हत्या का प्रकरण दर्ज करने की मांग की गई है।

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तत्काल स्थानांतरण करने की मांग

संगठन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सीईओ प्रवीण कुमार इवने का हरदा जिले से तत्काल स्थानांतरण करने की मांग की है।

मोर्चा ने जिले में सक्रिय फर्जी पत्रकारों और आरटीआई कार्यकर्ताओं पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। इन कथित पत्रकारों और यूट्यूबरों पर पंचायतों से अवैध वसूली करने का आरोप है।

वॉट्सऐप ग्रुप और सोशल मीडिया के जरिए पंचायतों के कार्यों को प्रभावित करने की शिकायत की गई है। सीएम हेल्पलाइन और ग्रेडिंग के अनावश्यक दबाव को तुरंत समाप्त करने की भी मांग की गई है।

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अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

भगत लेगा ने चेतावनी दी कि अगर तीन दिनों के भीतर विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चला जाएगा। संगठन ने तीन दिन का सामूहिक अवकाश घोषित कर दिया है, जिसे ‘कलमबंद हड़ताल’ कहा जा रहा है।

इस दौरान पंचायती राज के सभी कार्य पूरी तरह ठप हो जाएंगे। पंचायतों के दैनिक कामकाज, जनसेवा और विकास कार्य रुक जाएंगे। मोर्चा ने कहा कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो हड़ताल अनिश्चितकालीन हो जाएगी।

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