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Railway Silver Coin Scam : रिटायर्ड कर्मचारियों को विदाई में दिए नकली चांदी के सिक्के, इंदौर की फर्म ब्लैकलिस्ट

Railway Silver Coin Scam

West Central Railway Silver Coin Scam : भोपाल। पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। विभाग से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को विदाई समारोह में दिए जाने वाले चांदी के सिक्के नकली पाए गए हैं। इन सिक्कों में शुद्ध चांदी की जगह भारी मात्रा में तांबा मिला हुआ है।

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सिक्का बेचने गए तब खुला राज

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला तब सामने आया जब कुछ रिटायर्ड कर्मचारियों ने सिक्के बेचने के लिए बाजार पहुंचे। जौहरी ने जांच की तो पता चला कि सिक्कों में चांदी मात्र 0.23% है, जबकि बाकी हिस्सा तांबा है। नियमानुसार इन सिक्कों में 99.9% चांदी होनी चाहिए थी।

रिटायर्ड कर्मचारी डीके गौतम ने बताया, “हमें लगा कि यह विभाग की यादगार है, लेकिन जब पता चला कि यह तांबा है, तो हमें ठगा हुआ महसूस हुआ। यह हमारा अपमान है।”

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इंदौर की फर्म को दिया था 3 हजार सिक्कों का ऑर्डर

रिपोर्ट्स में बताया गया है कि, रेलवे विजिलेंस की जांच में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। रेलवे ने इंदौर की फर्म मेसर्स डायमंड बायबल कंपनी को 3 हजार 640 सिक्कों का ऑर्डर दिया था।

भोपाल के सामान्य भंडार में कुल 3 हजार 631 सिक्के आए थे। हर सिक्के की कीमत करीब 2500 रुपए आंकी गई थी। इस लिहाज से कंपनी ने रेलवे को करीब 90 लाख रुपए से अधिक का चूना लगाया है।

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रेलवे प्रशासन ने उठाए कड़े कदम

मामला तूल पकड़ते ही रेलवे प्रशासन ने कड़े कदम उठाए। रेलवे ने इंदौर की दोषी फर्म ‘मेसर्स डायमंड बायबल’ को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट कर दिया है। भोपाल के बजरिया थाने में रेलवे विजिलेंस द्वारा शिकायती आवेदन दिया गया है।

बजरिया थाने के एसआई अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे से कुछ जानकारियां शेयर करने को कहा गया है, जिसके बाद दोषियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

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क्या बोले CPRO नवल अग्रवाल

पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) नवल अग्रवाल ने बताया, “पूरे मामले की जांच की जा रही है। रेलवे विभाग की विजिलेंस टीम ने भोपाल के बजरिया थाने में भी आवेदन दिया था। सिक्कों की जांच हो रही है। कंपनी को ब्लैकलिस्टेड किया गया है।”

यह मामला रेलवे विभाग की खरीद प्रक्रिया और गुणवत्ता जांच पर सवाल खड़े कर रहा है। रिटायर्ड कर्मचारियों में रोष है। वे कह रहे हैं कि विदाई गिफ्ट में धोखा दिया गया। पुलिस और रेलवे विजिलेंस जांच तेज कर रही है।

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