Congress Press Conference : भोपाल। मध्य प्रदेश में दूषित पानी की समस्या ने गंभीर रूप ले लिया है, खासकर इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में। यहां दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से अब तक 23 से अधिक मौतें हो चुकी हैं, हालांकि सरकारी आंकड़े 10 मौतों की पुष्टि करते हैं, जबकि विपक्षी दलों का दावा है कि मौतों की संख्या 30 से ज्यादा है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है, जिसमें PCC चीफ जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की आलोचना की है।
किसानों का कर्ज असली मुद्दा
PCC चीफ जीतू पटवारी ने कांग्रेस ऑफिस में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि सरकार किसान वर्ष मनाने के नाम पर ट्रैक्टर चलाती है और गाय को रोटी खिलाती है, लेकिन असली मुद्दों जैसे किसानों के कर्ज और दूषित पानी पर ध्यान नहीं देती। उन्होंने इंदौर में दूषित पानी से मौतों को “सरकारी हत्याएं” बताया और कैलाश विजयवर्गीय का इस्तीफा मांगा है।
इंदौर-भोपाल में दूषित पानी का हाहाकार
इंदौर का भागीरथपुरा मामला : यहां नर्मदा लाइन से आ रहे पानी में सीवर का रिसाव होने से बैक्टीरिया (फीकल कोलीफॉर्म) फैला। इससे हैजा, टाइफॉइड और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियां फैलीं।
अब तक 437 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए, जिनमें 381 को डिस्चार्ज किया गया, लेकिन 56 अभी भर्ती हैं। मौतों की संख्या पर विवाद है – सरकार 10 कहती है, कांग्रेस 23-30 से ज्यादा। एक बुजुर्ग की हाल ही में मौत हुई है।
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भोपाल का संकट : यहां भी दूषित पानी की शिकायतें हैं, लेकिन इंदौर जैसा बड़ा हादसा नहीं हुआ। CM मोहन यादव ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि पेयजल की जांच करें और लीकेज रोकें।
कांग्रेस का हमला
कांग्रेस ने इस संकट को सरकार की असफलता बताया है। PCC चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री किसान वर्ष मनाने के लिए ट्रैक्टर चलाते हैं और गाय को रोटी खिलाते हैं, लेकिन गाय ने रोटी स्वीकार नहीं की – यह सरकार की नाकामी का प्रतीक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विज्ञापन के किसान पुत्र हैं; असली किसान पुत्र होते तो किसानों के कर्ज पर चिंता करते। जीतू पटवारी ने गोमांस पर जीरो प्रतिशत टैक्स और नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस में गोमांस के अवशेष मिलने का जिक्र किया, कहा कि भाजपा गाय की राजनीति करती है लेकिन हत्या भी करती है और व्यापार भी।
उन्होंने इंदौर में मौतों को सरकारी हत्याएं बताया और कैलाश विजयवर्गीय का इस्तीफा मांगा। कांग्रेस ने इंदौर में 11 जनवरी को विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।
सरकार का रुख और कार्रवाई
सरकार ने मौतों की जांच के लिए पैनल बनाया है। एक अधिकारी को बर्खास्त किया गया और दो सस्पेंड। हाईकोर्ट ने भी सरकार की आलोचना की है। कांग्रेस का आरोप है कि मौतों की संख्या छिपाई जा रही है। दिग्विजय सिंह ने हाईकोर्ट जज से जांच की मांग की है।