हाइलाइट्स
- भोपाल डिक्लेरेशन -2 बनाने की प्रकिया शुरू।
- दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तर विचार विमर्श हो रहा आयोजित।
- तत्कालीन दिग्विजय सिंह की सरकार लाई थी भोपाल डिक्लेरेशन-1।
Bhopal Declaration 2 : भोपाल। मध्य प्रदेश में दलित और आदिवासी वर्ग के हितों के लिए नया कदम उठाया जा रहा है। भोपाल में दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की विचार-विमर्श बैठक शुरू हो गई है, जिसमें भोपाल डिक्लेरेशन-2 बनाने की प्रक्रिया पर चर्चा की जा रही है। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, ओमकार सिंह मरकाम सहित दलित-आदिवासी संगठनों के कई प्रतिनिधि शामिल हुए हैं।
साल 2002 में आया था भोपाल डिक्लेरेशन-1
तत्कालीन दिग्विजय सिंह सरकार ने साल 2002 में भोपाल डिक्लेरेशन-1 लाया था, जिसे दलित एजेंडा के नाम से जाना जाता है। अब उसी भावना को आगे बढ़ाते हुए डिक्लेरेशन-2 बनाने की तैयारी शुरू हो गई है।
दिग्विजय सिंह ने बैठक में कहा कि ST/SC वर्ग के बच्चों में बेरोजगारी में कमी नहीं आ रही थी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने डिग्री होल्डर को टेंडर देने की शुरुआत की थी, लेकिन अब समय आ गया है कि भोपाल डिक्लेरेशन-2 लाया जाए। यह 2027 तक लाया जाएगा।
क्या बोले पूर्व सीएम सिंह
पूर्व मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की पुरानी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी ने इंटरकास्ट शादी की थी, लेकिन कांग्रेस गांधी जी के नाम को भुनाती रही।
उन्होंने तंज कसा कि जहां भगवान राम का नाम आता है, कांग्रेस को बुखार आ जाता है। राम मंदिर के फैसले में कांग्रेस कहीं नहीं थी और भूमिपूजन से अब तक गांधी परिवार राम मंदिर नहीं गया।
IAS संतोष वर्मा को लेकर दिग्विजय सिंह का बयान
दिग्विजय सिंह ने कहा कि आदिवासी वर्ग के लोग जमीन के पट्टे लेकर घूम रहे हैं, लेकिन उन्हें जमीन पर कब्जा नहीं मिल रहा है। उन्होंने IAS संतोष वर्मा के हालिया बयान का जिक्र किया और कहा कि देखना होगा किस संदर्भ में उन्होंने बात कही है।
उन्होंने स्पष्टीकरण भी दे दिया है। लेकिन बात यह है कि अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों में यह भावना क्यों पैदा हो रही है। कहीं न कहीं कमी तो है, और यह कमी हममें ही होगी।
बैठक में Gen-Z से चर्चा करने की जरूरी बात भी उठी। दिग्विजय सिंह ने कहा कि लोकतंत्र बचाने की जिम्मेदारी हमारी है। बैठक में दलित-आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं रखीं और नए डिक्लेरेशन में इन्हें शामिल करने की मांग की।