MP Cold Update : भोपाल। नए साल के पहले सप्ताह में मध्यप्रदेश भीषण ठंड और घने कोहरे की गिरफ्त में है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में शीतलहर और कोल्ड डे की स्थिति बनी हुई है। सुबह-शाम घना कोहरा छाने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।
सड़कों पर वाहन रेंगते दिख रहे हैं, ट्रेनें घंटों लेट हो रही हैं और हवाई यातायात भी बाधित है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक राहत की कोई उम्मीद नहीं है।
ग्वालियर-चंबल अंचल सबसे ज्यादा प्रभावित है। दतिया, ग्वालियर, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में विजिबिलिटी कई जगहों पर 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई।
भोपाल, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, रीवा, जबलपुर, कटनी, सतना और शहडोल जैसे जिलों में भी सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे दिन की शुरुआत ही अंधेरे में हो रही है। तापमान ने कई रिकॉर्ड तोड़े हैं।
राजधानी भोपाल में जनवरी का न्यूनतम तापमान पिछले 10 साल के रिकॉर्ड को चुनौती दे रहा है। यहां पारा 3.8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। प्रदेश में सबसे कम तापमान राजगढ़ में 2 डिग्री दर्ज किया गया। उमरिया, शाजापुर, सीहोर और रीवा भी ठंड की चपेट में रहे।
घने कोहरे के कारण दिल्ली से आने वाली कई ट्रेनें 5-6 घंटे देरी से चल रही हैं। सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने भोपाल, सीहोर, राजगढ़ और शाजापुर में शीतलहर का विशेष अलर्ट जारी किया है।
स्कूलों में अवकाश
ठंड से बच्चों को बचाने के लिए कई जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। इंदौर, रायसेन-नर्मदापुरम, ग्वालियर और मऊगंज में बुधवार को भी स्कूल नहीं खुलेंगे। भोपाल, धार, सीहोर, अनूपपुर, बड़वानी, मुरैना और खरगोन में स्कूल सुबह 9 बजे के बाद शुरू होने के निर्देश हैं।
अन्य जिलों में भी जिला प्रशासन स्थानीय स्तर पर फैसले ले रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण यह ठंड लंबे समय तक बनी रहेगी।