MP News : रायसेन। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद रायसेन जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के निर्देश पर शनिवार को तहसीलदार भरत मंड्रे और नगर पालिका सीएमओ सुरेखा जाटव ने शहर के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया।
टीम ने मुख्य रूप से उन पाइपलाइनों की जांच की जो नालों या नालियों से गुजर रही थीं। ऐसी लाइनों को तत्काल नाली के ऊपर शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए, ताकि गंदा पानी पेयजल में न मिले। लोगों से पानी की गुणवत्ता पर भी प्रतिक्रिया ली गई।
निरीक्षण की डिटेल
टीम सबसे पहले वार्ड 3 मड़ाईपुरा पहुंची, जहां अधिकतर पाइपलाइनें नाली में से गुजर रही थीं। जल आपूर्ति कर्मचारियों को इन्हें तुरंत ऊपर शिफ्ट करने के आदेश दिए।
इसके बाद वार्ड 9 रामलीला मैदान का दौरा किया, जहां भी ऐसी ही समस्या मिली। शहर के अन्य वार्डों में भी जांच हुई। नालियों से गुजर रही पाइपलाइनों की जानकारी जुटाई गई।
बैठक में दिए ये निर्देश
नगर पालिका कार्यालय में सभी 18 वार्डों के जल आपूर्ति प्रभारियों की बैठक हुई। तहसीलदार मंड्रे ने प्रभारियों को अपने वार्डों में ऐसी जगहें चिह्नित करने और पाइपलाइन शिफ्ट करने के निर्देश दिए।
मुख्य उद्देश्य लोगों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराना है। सीएमओ सुरेखा जाटव ने कहा कि कलेक्टर के निर्देश पर गहन जांच चल रही है। दूषित पानी का खतरा नहीं रहेगा।
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इंदौर घटना से सबक
इंदौर में दूषित पानी से मौतों की घटना के बाद रायसेन में सतर्कता बढ़ाई गई है। प्रशासन नहीं चाहता कि यहां ऐसी स्थिति बने। समय रहते कार्रवाई से जनता को राहत मिलेगी।
यह पहल सराहनीय है। अन्य जिलों में भी ऐसी जांच होनी चाहिए। स्वच्छ पेयजल हर नागरिक का अधिकार है। प्रशासन की मुस्तैदी से खतरा टला।