हाइलाइट्स
- इंदौर के बाद हरदा में दूषित पेयजल का मामला।
- कांग्रेस पार्षदों ने सीएमओ को ज्ञापन सौंपा।
- पाइपलाइन-टंकी सफाई की मांग।
Harda Contaminated Water : हरदा। नगर पालिका परिषद में दूषित पेयजल और संभावित जनस्वास्थ्य संकट को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने शुक्रवार को मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को ज्ञापन सौंपा। नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी ने चेतावनी दी कि यदि तत्काल सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो कांग्रेस आंदोलन करने को मजबूर होगी।
ज्ञापन में कहा गया कि नगर के कई क्षेत्रों में पीने के पानी की पाइपलाइनें गंदे नालों और सीवर लाइनों के पास से गुजर रही हैं, जिससे पानी दूषित होने का खतरा है। साथ ही, जल आपूर्ति टंकियों की वर्षों से सफाई नहीं हुई है। यह स्थिति नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन रही है।
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इंदौर घटना का हवाला
कांग्रेस पार्षदों ने इंदौर के भागीरथपुरा इलाके की हालिया घटना का जिक्र किया, जहां दूषित पानी से 10 लोगों की मौत हुई और सैकड़ों बीमार पड़े।
उन्होंने कहा कि हरदा में भी समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसी ही भयावह स्थिति बन सकती है। यदि कोई जनहानि हुई तो पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।
तत्काल कार्रवाई की मांग
नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी ने मांग की कि पाइपलाइनों का निरीक्षण, सभी टंकियों की सफाई-कीटाणुशोधन और पानी की गुणवत्ता की लैब जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। इसे प्राथमिकता पर लिया जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में वरिष्ठ पार्षद मुकेश पाराशर, सुप्रिया पटेल, अक्षय उपरीत, रमेश सोनकर, धर्मेंद्र चौहान, संजय दशोर, सुनील गीते सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल थे।
प्रशासन पर दबाव
कांग्रेस का यह प्रदर्शन नगर पालिका प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास है। लोग दूषित पानी से डरे हुए हैं। इंदौर की घटना ने हरदा में भी चिंता बढ़ा दी है। पार्षदों ने कहा कि जनता की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि सुधार नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन होगा।