Alcohol Promotion Trend : इंदौर। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में एक तरफ पुलिस नशाखोरी पर लगाम लगाने में जुटी है, तो दूसरी तरफ सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स धड़ल्ले से अल्कोहल का प्रमोशन कर रहे हैं। कई पॉपुलर इंफ्लुएंसर अपनी रील्स और पोस्ट्स में शराब को स्टाइलिश और कूल लाइफस्टाइल का हिस्सा दिखा रहे हैं।
इन पोस्ट्स में न तो कोई चेतावनी लिखी जा रही है और न ही 18+ का संकेत दिया जा रहा। इससे कम उम्र के फॉलोअर्स पर गलत असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
शहर में हाल के दिनों में अल्कोहल प्रमोशन का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। इंदौरी नगरी, इंदौर फूड एक्सप्लोरर, शाइनी, इंदौर रील ग्राम, फ्लेवर्स ऑफ इंदौर जैसे सोशल मीडिया अकाउंट नई ड्रिंक्स, ऑफर्स और पार्टी नाइट्स का खुलकर प्रमोशन कर रहे हैं।
इन पेजों पर लाखों फॉलोअर्स हैं। खासकर 31 दिसंबर की क्लब पार्टियों को प्रमोट करने में इंफ्लुएंसर्स का इस्तेमाल हो रहा है, जहां ड्रिंक करने वालों को लुभावने ऑफर्स दिए जा रहे हैं।
मार्केट से जुड़े लोगों के मुताबिक, अल्कोहल ब्रांड्स सामान्य प्रोडक्ट्स की तुलना में 5 से 6 गुना ज्यादा पेमेंट देते हैं। यही वजह है कि कई क्रिएटर्स कमाई को प्राथमिकता देकर सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी भूल रहे हैं। हालांकि कुछ इंफ्लुएंसर जिम्मेदार भी हैं।
इंदौर शहर पेज के ऑनर शुभम सिसोदिया और अतुल्य इंदौर के दीपक बागोरा ने कहा कि नशे को किसी भी तरह प्रमोट करना सही नहीं। हम अपनी सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी समझते हैं, इसलिए नशे का प्रचार नहीं करते।
आबकारी अधिनियम के तहत बिना लाइसेंस शराब का प्रचार या प्रमोशन अपराध है। इसमें 6 महीने तक की जेल और जुर्माने की सजा हो सकती है। इंदौर पुलिस अब इस मामले में सख्त नजर आ रही है।
पुलिस का कहना है कि यह सोशल मीडिया गाइडलाइंस और आबकारी नियमों का उल्लंघन है। ऐसे हैंडल्स पर नजर रखी जा रही है और आने वाले दिनों में कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर में करीब 200 से ज्यादा इंफ्लुएंसर्स सक्रिय हैं और सोशल मीडिया मार्केटिंग इंडस्ट्री 50 करोड़ से अधिक की हो चुकी है। मोटी कमाई के लालच में जिम्मेदारी भूलना युवाओं के लिए खतरनाक है।