MP News : भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार के दो साल पूरे होने पर स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने विभाग का ‘हेल्थ स्कोरकार्ड’ जनता के सामने पेश किया। मंत्री ने गिनाईं कई उपलब्धियां और कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम हो रहा है।
सबसे बड़ी उपलब्धि मेडिकल कॉलेजों की संख्या में इजाफा है। पहले प्रदेश में केवल 5 शासकीय मेडिकल कॉलेज थे, अब 19 शासकीय और 14 प्राइवेट हो गए हैं। कुल मिलाकर मेडिकल शिक्षा के संस्थान बढ़कर 33 हो चुके हैं।
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मंत्री ने बताया कि जिला अस्पतालों में बेड और अन्य सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। PSC और CSC में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए विशेष प्रयास हो रहे हैं।
PG स्टूडेंट्स से बॉन्ड के आधार पर सेवा ली जा रही है। टेलीमेडिसिन के जरिए दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। एयर एम्बुलेंस और शव वाहन जैसे नवाचार शुरू किए गए हैं।
केंद्र सरकार के स्क्रीनिंग अभियान में मध्यप्रदेश नंबर वन रहा। टीबी मुक्त भारत अभियान में भी प्रदेश अव्वल आया। सिकल सेल एनीमिया के लिए सवा करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग की गई। निरोगी काया अभियान के तहत लाखों लोगों को हेल्थ कार्ड दिए गए।
पुराने 5 मेडिकल कॉलेजों को विस्तार दिया गया है। इनकी बिल्डिंगें पुरानी हो चुकी हैं, इसलिए DPR तैयार की जा रही है। जहां मरम्मत संभव होगी वहां दुरुस्त किया जाएगा और जहां जरूरी होगी वहां नई बिल्डिंग बनाई जाएगी।
राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे रही है। ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में सेवाएं पहुंचाने पर जोर है। दो साल में कई योजनाएं शुरू हुईं और मौजूदा को मजबूत किया गया। आगे भी स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े कदम उठाए जाएंगे।