Vidisha News : मध्य प्रदेश। विदिशा जिले के ग्रामीण इलाकों में तेज इंटरनेट के नाम पर टेलिकॉम कंपनियां ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछा रही हैं, लेकिन काम करने के बाद सड़क किनारे खोदे गए गहरे गड्ढों को ऐसे ही खुला छोड़ दिया जा रहा है। इन गड्ढों की गहराई 5-6 फीट, चौड़ाई 3 फीट और लंबाई 8-10 फीट तक है। न तो बैरिकेडिंग है, न चेतावनी बोर्ड और न ही रात में कोई लाइट या रिफ्लेक्टर।
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ताजा मामला ग्यारसपुर तहसील के सोनकर पेट्रोल पंप के पास अनवई रोड का है। कुछ दिन पहले एक गाय अचानक इनमें से एक गड्ढे में जा गिरी। गाय जोर-जोर से रंभाने लगी।
आसपास के ग्रामीण दौड़े आए और रस्सी, ट्रैक्टर की मदद से घंटों मशक्कत करने के बाद किसी तरह गाय को जिंदा बाहर निकाल सके। गाय के पैरों में गहरी चोटें आईं, लेकिन जान बच गई।
ग्रामीणों ने बताया कि ग्यारसपुर क्षेत्र के दर्जनों गांवों – अनवई, बर्री, मुड़रा, कोठीचर, अमर्र्हाई समेत कई जगहों पर ऐसे सैकड़ों गड्ढे कई-कई दिनों से खुले पड़े हैं। ठेकेदार का काम रुकने पर मजदूर चले जाते हैं, लेकिन गड्ढे वैसे के वैसे हैं। रात के अंधेरे में कोई मोटरसाइकिल या साइकिल वाला गिर जाए तो उसकी जान भी जा सकती है। बच्चे और मवेशी तो पहले से ही खतरे में हैं।
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ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और टेलिकॉम कंपनियों से सख्त मांग की है कि
- गड्ढा खोदने वाली हर कंपनी को काम पूरा होने के 24 घंटे के अंदर गड्ढा भरना अनिवार्य किया जाए।
- जब तक काम चले, तब तक बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और रात में रिफ्लेक्टर या लाइट लगाई जाए।
- लापरवाही करने वाली कंपनी पर जुर्माना लगे और जिम्मेदार ठेकेदार पर कार्रवाई हो।
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ग्रामीणों का कहना है कि “इंटरनेट की स्पीड बढ़ाने से पहले हमारी और हमारे मवेशियों की जान बचाओ।” अभी तक जिला प्रशासन या टेलिकॉम कंपनियों की ओर से कोई जवाब नहीं आया है।