MP News : पचमढ़ी, नर्मदापुरम। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाले पचमढ़ी के सांदीपनि सीएम राइज स्कूल का भविष्य अधर में लटक गया है। 30.5 करोड़ रुपये की भव्य बिल्डिंग का काम डेढ़ साल से पूरी तरह ठप पड़ा है। वजह है रक्षा मंत्रालय की 40 साल पहले खत्म हो चुकी लीज, जिसका नवीनीकरण आज तक नहीं हो सका। नींव तक बनी इमारत में लगे सरिए जंग खा रहे हैं और शासन के 4.54 करोड़ रुपये डूबने की कगार पर हैं।
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पचमढ़ी की ज्यादातर जमीन रक्षा मंत्रालय के कैंट क्षेत्र में आती है। सन् 1955 में रक्षा मंत्रालय ने CLAR 1937 के तहत मध्य प्रदेश शासन को 30 साल के लिए 22 एकड़ जमीन लीज पर दी थी। यह लीज 8 जून 1985 को ही खत्म हो गई थी। उसके बाद से लेकर अब तक लीज नवीनीकरण नहीं हुआ।
फिर भी स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बिना लीज रिन्यूअल के ही 2023 में टेंडर निकलवाया और सितंबर 2023 में मेसर्स मिश्रा कंस्ट्रक्शन को काम सौंप दिया। मार्च 2024 में रक्षा संपदा अधिकारियों ने निर्माण रोक दिया। तब से आज तक ताला लगा हुआ है।
पीआईयू के कार्यपालन अभियंता जे.के. पंत ने मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर ठेका निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि नींव तक के काम में ही 4.54 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। अब सरिए जंग लग रहे हैं, सामग्री बारिश में खराब हो रही है और ठेकेदार को भारी नुकसान हो रहा है।
छात्र-छात्राएं सबसे ज्यादा परेशान
निर्माण के दौरान कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की बाउंड्री तोड़ दी गई थी। इसलिए पिछले दो साल से कन्या स्कूल की सैकड़ों छात्राएं सांदीपनि सीएम राइज की पुरानी बिल्डिंग के सिर्फ तीन-चार कमरों में पढ़ने को मजबूर हैं। लड़कियों का टॉयलेट लड़कों के ठीक बगल में है, बदबू से पढ़ाई प्रभावित होती है।
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प्रार्थना सभा के लिए अलग मैदान नहीं है, कीचड़ और घास में खड़े होकर प्रार्थना करनी पड़ती है। खेल का समय भी नहीं मिलता क्योंकि मैदान पर दूसरी शिफ्ट की कक्षाएं चलती रहती हैं। कक्षा 10वीं की छात्रा डॉली ने बताया, “हमारे पास सिर्फ चार कमरे हैं। टॉयलेट से इतनी बदबू आती है कि पढ़ने में मन नहीं लगता। खेलने भी नहीं जा पाते।”
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2007 में तत्कालीन जिलाध्यक्ष होशंगाबाद ने लीज बढ़ाने की मांग की थी।
2023 में सीएम राइज शुरू होने पर फिर आवेदन दिया गया।
जून 2024 में रक्षा संपदा अधिकारी जबलपुर ने कहा था कि मामला दिल्ली में डीजी डिफेंस एस्टेट के पास विचाराधीन है।
कलेक्टर सोनिया मीना ने जुलाई 2024 में सचिव स्कूल शिक्षा को पत्र लिखा।
तत्कालीन डीईओ एसपीएस बिसेन ने भी आयुक्त को लिखा था।
सबके बावजूद शासन स्तर पर सचिव स्कूल शिक्षा और दिल्ली के डीजी डिफेंस एस्टेट के बीच कोई बात तक नहीं हुई।
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शिक्षा मंत्री का दावा – जल्द होगा समाधान
स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा, “रक्षा मंत्री जी से बात हो चुकी है। लीज नवीनीकरण बहुत जल्द हो जाएगा। उसके बाद तुरंत निर्माण शुरू करा देंगे।” लेकिन जमीन पर हकीकत कुछ और ही बयान कर रही है।
एक तरफ सरिए जंग खा रहे हैं, दूसरी तरफ सैकड़ों बच्चे खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। पचमढ़ी का यह ड्रीम प्रोजेक्ट कब सपना बनेगा, यह अभी कोई नहीं बता पा रहा।