Betul News : बैतूल, मध्य प्रदेश। बैतूल जिले के सदर क्षेत्र में आदिवासी विकास विभाग के तहत संचालित कन्या परिसर की सैकड़ों छात्राएं सोमवार सुबह स्कूल ड्रेस में ही कलेक्ट्रेट पहुंच गईं और मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गईं। उनकी मांग थी – छात्रावास में मिलने वाला घटिया खाना बंद हो, इल्ली वाली रोटी न परोसी जाए, अधीक्षक का अनुचित व्यवहार रोका जाए और बुनियादी सुविधाएं जैसे साफ पानी, बिजली, शौचालय की सफाई मुहैया कराई जाए। छात्राओं ने साफ कहा कि अगर उनकी शिकायतें नहीं सुनी गईं तो वे भूख हड़ताल करेंगी।
सूचना मिलते ही बैतूल एसडीएम मौके पर पहुंचे। उन्होंने कलेक्ट्रेट की सीढ़ियों पर खुद बैठकर छात्राओं की एक-एक शिकायत सुनी। छात्राओं ने बताया कि रोजाना के खाने में कीड़े-मकोड़े निकलते हैं, दाल-पानी जैसा रहता है, रोटी कच्ची या जली हुई मिलती है।
कई बार तो इल्ली निकलने पर भी अधीक्षक डांटती हैं और खाना फेंकने नहीं देतीं। शौचालय की हालत इतनी खराब है कि बीमारियां फैल रही हैं। एसडीएम ने तुरंत स्कूल प्राचार्य को फोन किया और शैक्षणिक समस्याओं को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए।
आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त विवेक पांडे अवकाश पर होने के कारण एसडीएम ने प्रभारी अधिकारी को सभी शिकायतों का तुरंत समाधान करने को कहा।
खाने की गुणवत्ता की शिकायत पर एसडीएम ने तहसीलदार पूनम साहू को मौके पर भेजकर तत्काल निरीक्षण करने और रिपोर्ट देने का आदेश दिया। छात्राओं ने मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया, क्योंकि उन्हें डर था कि वापस छात्रावास जाने पर अधीक्षक और स्टाफ प्रताड़ित करेंगे।
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यह पहला मामला नहीं है। पिछले महीने ही शाहपुर के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के सैकड़ों छात्र खराब खाने और सुविधाओं की कमी से परेशान होकर 36 किलोमीटर पैदल बैतूल की ओर चल पड़े थे। कलेक्टर खुद रास्ते में पहुंचे थे और छात्रों को समझाकर वापस भेजा था।
उस मामले की जांच अभी भोपाल और दिल्ली स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। जांच में शिकायतें सही पाए जाने पर प्राचार्य को हटा दिया गया था और दो कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं।
जिले में आदिवासी छात्रावासों की स्थिति लगातार सुर्खियों में है। पिछले एक साल में खराब भोजन, स्टाफ की मारपीट और सुविधाओं की कमी की दर्जनों शिकायतें सामने आ चुकी हैं। छात्राओं का यह धरना एक बार फिर सिस्टम की पोल खोल रहा है।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि 48 घंटे में सभी समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा और दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। देखना यह है कि इस बार वादे कितने पूरे होते हैं।