Bhopal Metro Update : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लंबे इंतजार के बाद मेट्रो रेल सेवा शुरू होने की राह अब पूरी तरह साफ हो गई है। शनिवार को कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) नीलाभ्र सेनगुप्ता का यह दौरा आखिरी दिन है। वे अपनी टीम के साथ डीआरएम ऑफिस, एम्स और अलकापुरी मेट्रो स्टेशनों का निरीक्षण करेंगे।
इस दौरान वे मेट्रो ट्रेन में सवार होकर ट्रैक, सिग्नलिंग और सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से जांच करेंगे। शाम छह बजे तक टीम भोपाल में रहेगी और ट्रेन के हर छोटे-बड़े हिस्से, यहां तक कि नट-बोल्ट तक की पड़ताल करेगी।
प्रायोरिटी कॉरिडोर की लंबाई 6.22 किलोमीटर है। इसी रूट पर सबसे पहले आम यात्रियों के लिए मेट्रो चलेगी। शुक्रवार को सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर और रानी कमलापति स्टेशन का निरीक्षण पूरा हो चुका है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो सीएमआरएस की रिपोर्ट में हरी झंडी मिलते ही नवंबर में ही कमर्शियल रन शुरू हो सकता है।
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दो दिनों में क्या हुआ निरीक्षण?
12 नवंबर को सीएमआरएस की टीम भोपाल पहुंची। 13 नवंबर को डिपो, एम्स स्टेशन तक के ट्रैक, सिग्नलिंग और सुरक्षा मानकों की जांच की गई। रानी कमलापति स्टेशन पर पानी डालकर ट्रैक का ढलान और जल निकासी की स्थिति परखी गई। सुभाष नगर डिपो में पूरे प्रोजेक्ट की रिपोर्ट भी देखी गई। यह दौरा करीब आठ घंटे चला।
14 नवंबर को टीम ने मेट्रो ट्रेन में बैठकर ब्रेकिंग सिस्टम की जांच की। सुभाष नगर से रानी कमलापति तक का सफर करते हुए कमिश्नर सेनगुप्ता खुद मौजूद रहे। डिपो में भी जरूरी दस्तावेज और तकनीकी जानकारी ली गई। शनिवार को तीसरे दिन फिर ट्रैक पर उतरकर ट्रेन के अंदर से सभी तकनीकी पहलुओं की जांच होगी। दो दिनों में टीम ने हर बिंदु को नोट किया है।
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सीएमआरएस की भूमिका क्या है?
सीएमआरएस मेट्रो प्रोजेक्ट की सुरक्षा की अंतिम मंजूरी देते हैं। उनकी रिपोर्ट के बाद ही यात्रियों का संचालन शुरू होता है। ट्रैक, सिग्नलिंग, ब्रेक सिस्टम, स्टेशन सुरक्षा और आपात निकासी जैसे बिंदुओं पर सख्त जांच होती है।
अगर कोई कमी मिली तो उसे ठीक करना जरूरी है। पिछले दो दौरों में आई खामियों को सुधार लिया गया है, इसलिए इस बार ‘ओके’ रिपोर्ट की पूरी उम्मीद है।
पहली बार भोपाल आए कमिश्नर
कमिश्नर नीलाभ्र सेनगुप्ता पहली बार भोपाल आए हैं। पहले जनक कुमार गर्ग कमिश्नर थे, जो अब रिटायर हो चुके हैं। लेकिन टीम वही पुरानी है, इसलिए ज्यादा दिक्कत नहीं आएगी।
अक्टूबर का टारगेट चूका, अब नवंबर में उम्मीद
सरकार ने अक्टूबर में मेट्रो शुरू करने का लक्ष्य रखा था। सितंबर और अक्टूबर में दो दौरों में पूर्व कमिश्नर गर्ग ने डिपो और 6.22 किमी रूट देखा था। लेकिन बिहार चुनाव की व्यस्तता के कारण देरी हुई। अब नवंबर में मेट्रो आम लोगों के लिए दौड़ेगी।
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रिपोर्ट मिलने के बाद प्रदेश सरकार को सूचित किया जाएगा। फिर कमर्शियल रन की तारीख तय होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भोपाल मेट्रो के पहले यात्री बन सकते हैं। इंदौर मेट्रो को 31 मई को हरी झंडी दिखाई गई थी, उसके बाद भोपाल में काम तेज हुआ। बाकी तीन स्टेशनों का काम पूरा हो रहा है।
मेट्रो प्रोजेक्ट की शुरुआत
भोपाल का पहला मेट्रो रूट एम्स से करोंद तक 16.05 किमी लंबा है। 2018 में प्राथमिकता कॉरिडोर (एम्स से सुभाष नगर) पर काम शुरू हुआ। सुभाष नगर से रानी कमलापति तक पूरा हो चुका है। अलकापुरी, एम्स और डीआरएम स्टेशन के कुछ काम बाकी हैं। ट्रैक पर दो स्टील ब्रिज भी बनाए गए हैं।
पहला ट्रायल रन 3 अक्टूबर 2023 को हुआ था। तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाष नगर से रानी कमलापति तक सफर किया था। अब शहरवासी मेट्रो के इंतजार में हैं। यह सेवा शुरू होने से ट्रैफिक जाम और प्रदूषण में कमी आएगी। भोपाल मेट्रो मध्य भारत की आधुनिक परिवहन व्यवस्था का नया अध्याय होगी।