Takia Masjid Case : मध्य प्रदेश। उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर विस्तारीकरण में बड़ी बाधा दूर हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 200 साल पुरानी तकिया मस्जिद को दोबारा बनाने की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए प्रशासन के पक्ष में निर्णय सुनाया। अब यहां पार्किंग और अन्य सुविधाओं का काम तेजी से शुरू होने की उम्मीद है। यह मामला करीब 10 महीने से अदालतों में लंबित था, जिससे महाकाल लोक परियोजना का दूसरा चरण रुका हुआ था।
याचिकाकर्ताओं ने दावा किया था कि मस्जिद वक्फ की संपत्ति है और इसे गिराना पूजा स्थल अधिनियम, वक्फ कानून और भूमि अधिग्रहण नियमों का उल्लंघन है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कोई खामी नहीं पाई। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि हाईकोर्ट का फैसला सही है। याचिकाकर्ता कानूनी विकल्प तलाश सकते हैं, लेकिन विध्वंस वैध था।
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जनवरी में हुई थी कार्रवाई
11 जनवरी 2025 को उज्जैन जिला प्रशासन ने महाकाल मंदिर के शक्ति पथ के पास पार्किंग विस्तार के लिए 2.25 हेक्टेयर जमीन खाली कराई। इसमें निजामुद्दीन कॉलोनी के 257 मकान और तकिया मस्जिद शामिल थे। प्रशासन ने इसे अवैध निर्माण बताया और मुआवजा देकर बुलडोजर चला दिया। मुस्लिम पक्ष ने इसे 200 साल पुरानी वक्फ संपत्ति बताया, लेकिन गजट नोटिफिकेशन और दस्तावेजों में कोई सबूत नहीं मिला।
मस्जिद में नमाज पढ़ने वाले 13 नमाजियों ने पहले इंदौर हाईकोर्ट की सिंगल बेंच और फिर डबल बेंच में याचिका दाखिल की। दोनों ने खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने कहा कि धर्म का अधिकार किसी खास जगह से जुड़ा नहीं है। अधिग्रहण कानूनी था और मुआवजा दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?
नवंबर की शुरुआत में याचिका दायर हुई। आरोप लगाए गए कि अधिग्रहण में अनियमितता थी और वक्फ कानून का उल्लंघन हुआ। लेकिन 7 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद याचिका खारिज कर दी। याचिकाकर्ता के वकील सैयद अशहर अली वारसी ने कहा, “फिलहाल अपील खारिज हो गई है। आगे की रणनीति पर विचार करेंगे।” प्रशासन का पक्ष मजबूत रहा। अतिरिक्त महाधिवक्ता ने दलील दी कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी थी। प्रभावितों को मुआवजा मिला और कोई वक्फ रिकॉर्ड नहीं मिला।
अब क्या होगा?
– महाकाल मंदिर समिति अब फोर-व्हीलर और टू-व्हीलर की बड़ी पार्किंग बनाएगी।
– महाकाल लोक का दूसरा चरण तेजी से पूरा होगा।
– श्रद्धालुओं को पार्किंग और सुविधाओं में राहत मिलेगी।
– कई दिनों से रुका काम अब शुरू हो जाएगा।
महाकाल मंदिर प्रबंधन समिति के अधिकारी ने कहा, “कोर्ट के फैसले से रास्ता साफ हो गया। जल्द ही विकास कार्य शुरू करेंगे।” उज्जैन कलेक्टर ने भी टीम को निर्देश दे दिए हैं।