Bhopal News : भोपाल। मध्य प्रदेश के भोपाल में पूर्वी बायपास सड़क धंसने की घटना ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी की। इसमें सड़क धंसाव का कारण तकनीकी खामियां और निर्माण लापरवाही बताई गई। लेकिन रिपोर्ट में किसानों द्वारा मिट्टी खोदने को मुख्य जिम्मेदार ठहराया।
घटना 13 अक्टूबर को सूखी सेवनिया रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के पास हुई। लगभग 75 मीटर लंबा हिस्सा अचानक धंस गया। गहरा गड्ढा बन गया। सड़क बीओटी (बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर) योजना के तहत हैदराबाद की मेसर्स ट्रांसट्रॉय प्राइवेट लिमिटेड ने 2012-13 में बनाई। अनुबंध 2010 का है। 2020 में शर्तें न मानने पर ठेकेदार को 3 साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया।
Indore News : इंदौर भाजपा नगर कार्यकारिणी घोषित, विवादित स्वाति कासिद को मिला मंत्री पद
रिपोर्ट में पाया गया कि सड़क का डिजाइन मानकों पर खरा नहीं उतरा। मिट्टी की मजबूती का परीक्षण अधूरा रहा। निर्माण के दौरान निगरानी में कमी हुई। बारिश में जल निकासी सिस्टम ठीक न होने से नींव कमजोर पड़ी।
कुछ महीनों में सड़क दरकने लगी। MPRDC ने किसानों पर मिट्टी खोदाई का आरोप लगाया। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बहाना है। सड़क करोड़ों की बनी, लेकिन जल्दी टूट गई।
Breaking News : दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला, Air India की बस में लगी भीषण आग
MPRDC ने 3 वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों की समिति गठित की। 7 दिनों में विस्तृत रिपोर्ट मांगी। मिट्टी के नमूने PWD की केंद्रीय लैब भेजे। रिपोर्ट आने पर ठेकेदार, कंसल्टेंट और अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। जनरल मैनेजर (GM) और एक इंजीनियर को कारण बताओ नोटिस जारी। उनसे पूछा कि स्वीकृति और निरीक्षण में गड़बड़ी कैसे हुई।
बेस लेवल गलत और ड्रेनेज अधूरा होने का जिक्र सरकारी रिपोर्ट में किया गया है। धंसे हिस्से की मरम्मत 10 दिनों में पूरी करने का लक्ष्य। 2023 में रोड असेट मैनेजमेंट सिस्टम से सर्वे हुआ था। लेकिन समस्या बनी रही।