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Diwali Bhai Dooj 2025 : भाईदूज पर क्या है तिलक लगाने के नियम, जान लीजिये सही वास्तु नियम और दिशा

Diwali Bhai Dooj 2025

Diwali Bhai Dooj 2025 : भोपाल। भाई दूज का पर्व आज 23 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। तिथियों के बदलाव के कारण इस बार यह त्योहार 22 की जगह 23 अक्टूबर को आया है। इस दिन बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र और तरक्की की कामना करती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि तिलक लगाने के लिए वास्तु नियमों का पालन जरूरी है? ज्योतिषाचार्य पंडित राम गोविंद शास्त्री और पंडित सनत कुमार खम्परिया ने तिलक की सही दिशा और विधि के बारे में बताया। इन नियमों को अपनाने से भाई-बहन का रिश्ता मजबूत होता है और यम का भय भी दूर रहता है।

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तिलक के लिए सही दिशा

भाई दूज पर तिलक लगाते समय दिशा का विशेष ध्यान रखें। पंडित राम गोविंद शास्त्री के अनुसार, भाई का चेहरा उत्तर या उत्तर-पश्चिम दिशा में होना चाहिए। वहीं, बहन का चेहरा उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा की ओर हो। इन दिशाओं में तिलक करना शुभ माना जाता है। इससे भाई की तरक्की के योग बनते हैं। साथ ही भाई-बहन के बीच प्रेम बढ़ता है।

तिलक का सही समय

ज्योतिषाचार्य पंडित सनत कुमार खम्परिया बताते हैं कि भाई दूज का तिलक किसी भी समय लगाया जा सकता है। कोई विशेष मुहूर्त की जरूरत नहीं है। दिनभर में कभी भी यह पूजा की जा सकती है। बस वास्तु नियमों का पालन जरूरी है।

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तिलक की सही विधि

भाई दूज पर तिलक की विधि भी खास है। बहनें जमीन पर आटा या गोबर से चौक बनाएं। चौक इस तरह बनाएं कि भाई का चेहरा उत्तर या उत्तर-पश्चिम दिशा में आए। लकड़ी के पाटे पर भाई को बिठाएं। बहन भी आसन या पाटे पर बैठें। फिर भाई के माथे पर तिलक लगाएं। उनके हाथ में कलावा बांधें। दीपक जलाकर आरती करें। मिठाई खिलाएं और लंबी उम्र की कामना करें। कुर्सी या सोफे की जगह जमीन पर बैठना ज्यादा शुभ है।

इन बातों का रखें ध्यान

भाई और बहन दोनों को काले रंग के कपड़ों से बचना चाहिए। यह अशुभ माना जाता है।
भाईदूज पर आपसी प्रेम बनाए रखें। किसी भी तरह का विवाद टालें।
अगर संभव हो, तो बहनें तिलक से पहले व्रत रखें। तिलक के बाद ही कुछ खाएं।
भाई जो भी गिफ्ट दे, उसका आदर करें। उसे प्रेम से स्वीकार करें।

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भाई दूज का महत्व

भाई दूज भाई-बहन के प्यार का प्रतीक है। इस दिन तिलक लगाने से रिश्ते मजबूत होते हैं। वास्तु नियमों का पालन करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। यह त्योहार न केवल आध्यात्मिक बल्कि भावनात्मक रूप से भी खास है। यम और यमुना की कथा से जुड़ा यह पर्व भाई की सुरक्षा और समृद्धि की कामना करता है।

क्यों खास है यह पर्व?

पंडित राम गोविंद शास्त्री बताते हैं कि सही दिशा और विधि से तिलक करने से जीवन में सुख-शांति आती है। यह भाई-बहन के बीच विश्वास को बढ़ाता है। साथ ही यम का भय नहीं सताता। सोशल मीडिया पर भी लोग भाई दूज की तस्वीरें और संदेश साझा कर रहे हैं। यह पर्व हर साल उत्साह से मनाया जाता है।

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