Poisonous Cough Syrup : मध्य प्रदेश। बैतूल में जहरीले कप सिरप से अब तक दो बच्चों की मौत हो चुकी है। अब एक तीसरा बच्चा अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। जानकारी के मुताबिक, टीकाबर्री गांव का साढ़े तीन साल का हर्ष यदुवंशी की दोनों किडनी फेल हो चुकी हैं। वह नागपुर के न्यू हेल्थ हॉस्पिटल में वेंटिलेटर पर भर्ती है। दो बच्चों की मौत के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है और प्रभावित गावों में डोर- टू – डोर कैम्पेन करवा रहा है।
हर्ष के चाचा श्याम यदुवंशी ने बताया कि, लगभग एक महीने पहले परासिया के डॉ. प्रवीण सोनी से सर्दी-खांसी के इलाज के लिए दिखाया गया था। डॉक्टर ने दवा और एक कोल्ड्रिफ सिरप लिखी थी। सिरप पीने के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ती गई। तीन दिन बाद दोबारा डॉक्टर को दिखाया गया तो उन्होंने किसी और चिकित्सक के पास ले जाने की सलाह दी।
इसके बाद परिवार ने डॉ. अमित ठाकुर को दिखाया, लेकिन सुधार नहीं हुआ। हालत गंभीर होने पर 1 अक्टूबर को नागपुर के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे की दोनों किडनी ने काम करना बंद कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर, सर्वे शुरू
जहरीले कप सिरप से मौके के मामले सामने आने के बाद सीएमएचओ डॉ. मनोज हुरमाड़े ने प्रभावित गांवों में डोर-टू-डोर सर्वे शुरू करवाया है। विभाग यह पता लगा रहा है कि कहीं और भी बच्चों को यही दवा तो नहीं दी गई।
सीएमएचओ ने कहा, “हमने परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। जांच दल गांव-गांव जाकर जानकारी ले रहा है। मामला गंभीर है, रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है।”
एसडीएम शैलेंद्र बडोनिया ने भी पुष्टि की कि परिजनों ने डॉक्टर का पर्चा सौंपा है। जांच दल में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर, दवा निरीक्षक और स्वास्थ्य कर्मियों को शामिल किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने अब डॉ. प्रवीण सोनी और डॉ. अमित ठाकुर दोनों से इलाज से जुड़ी पूरी जानकारी मांगी है। विभाग यह भी जांच कर रहा है कि मरीजों को दिया गया सिरप किस कंपनी का था और उसकी खेप कहां से आई थी।