MP Breaking News : भोपाल। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में वायरल फीवर के इलाज के नाम पर दिए गए कफ सिरप Coldrif और Nextro-DS ने 9 मासूम बच्चों की जान ले ली। यह घटना परासिया क्षेत्र में घटी, जहाँ स्थानीय डॉक्टरों के सुझाव पर सिरप दिए जाने के बाद बच्चों की किडनी फेल हो गई। राज्य सरकार ने तत्काल दोनों सिरप की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया और सिरप बनाने वाली कंपनी के अन्य उत्पादों पर भी बैन की प्रक्रिया शुरू कर दी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया ‘X’ पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। तमिलनाडु सरकार ने भी कांचीपुरम स्थित फैक्ट्री का स्टॉक फ्रीज कर दिया।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप न देने की सलाह जारी की। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) की टीम सैंपल जांच कर रही है। यह त्रासदी न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल रही है, बल्कि दूषित दवाओं के खतरे को भी उजागर कर रही है।
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सिरप से किडनी फेल, 9 मौतें
घटना अगस्त 2025 से शुरू हुई, जब परासिया क्षेत्र के बच्चों को सर्दी-खांसी के इलाज के लिए Coldrif और Nextro-DS सिरप दिए गए। सिरप लेने के कुछ दिनों बाद बच्चों की हालत बिगड़ने लगी। वे छिंदवाड़ा और नागपुर के अस्पतालों में भर्ती हुए, लेकिन कई को बचाया न जा सका।
मृतकों में शिवम, विधि, अदनान, उसैद, ऋषिका, हेतांश, विकास, चंचलेश और संध्या (सभी 5 वर्ष से कम उम्र) शामिल हैं। परिवारों का आरोप है कि सामान्य दवा ने किडनी फेल कर दी। एक मां ने रोते हुए कहा, “बच्चा ठीक था, सिरप दिया तो पेशाब बंद हो गया। डॉक्टरों ने समय पर बताया न होता तो बच जाता।”
जांच में किडनी बायोप्सी से डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) की मौजूदगी मिली, जो दवाओं में घातक विषाक्त रसायन है। चिंदवाड़ा कलेक्टर शैलेंद्र सिंह ने तुरंत दोनों सिरप पर जिला-व्यापी बैन लगाया। उन्होंने कहा, “डॉक्टरों को मानक सिरप देने का निर्देश दिया। AIIMS नागपुर रेफरल के लिए एयर एम्बुलेंस तैयार।” NCDC टीम सैंपल लेने पहुँची।
“दोषियों को बख्शेंगे नहीं”
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘X’ पर पोस्ट कर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “छिंदवाड़ा में Coldrif सिरप से बच्चों की मौत अत्यंत दुखद है। पूरे MP में सिरप बैन। कंपनी के अन्य उत्पादों पर भी प्रतिबंध। तमिलनाडु सरकार को फैक्ट्री जांच के लिए कहा। रिपोर्ट पर कड़ा एक्शन। राज्य स्तर पर जांच टीम बनी। दोषियों को बख्शेंगे नहीं।” यादव ने स्थानीय प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
कलेक्टर सिंह ने बताया, “पहला केस 24 अगस्त का, पहली मौत 7 सितंबर। 1400 बच्चों की स्क्रीनिंग चल रही।” तमिलनाडु ने कांचीपुरम फैक्ट्री का स्टॉक फ्रीज किया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2 वर्ष से कम बच्चों को कफ सिरप न देने की सलाह दी।
डॉक्टर, फार्मेसी और सप्लाई चेन पर शक
स्थानीय डॉक्टरों ने सिरप सुझाया, जो अब जांच के दायरे में हैं। फार्मेसी और सप्लाई चेन की भूमिका भी संदिग्ध। कलेक्टर ने कहा, “डॉक्टरों को सतर्क किया। केवल मानक सिरप दें।” राज्य सरकार ने विशेष टीम गठित की। NCDC सैंपल टेस्ट कर रही। एक डॉक्टर ने कहा, “DEG विषाक्त है, किडनी फेल करता है। सिरप में मिलावट घातक।”
