MP Crime News : मध्य प्रदेश। नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा तहसील के बेरखेड़ी गांव में एक ऐसी घटना घटी है, जो मानवता को शर्मसार कर देने वाली है। यहां चार महीने की मासूम कृतिका अशवारे की हत्या उसकी खुद दादी मीनाबाई अशवारे ने कर दी। वजह? दादी को पोता चाहिए था और बहु ने पोती को जन्म दे दिया।
आरोपी दादी ने गमछा उसके मुंह में ठूंस दिया। कुछ ही पलों में मासूम की सांसें थम गईं। हत्या के बाद दादी ने शव को कपड़े की पोटली में लपेटा और घर के पास सूखे कुएं में फेंक दिया। तीन दिनों तक शव कुएं में पड़ा रहा और गांव वाले बच्ची की तलाश में भटकते रहे।
मासूम की हत्या का क्रूर मंजर
दरअसल, 27 मई 2025 को जन्मी कृतिका अशवारे एक साधारण परिवार की इकलौती संतान थी। उसके पिता शुभम अशवारे मजदूरी करते हैं, और मां मीरा घर संभालती हैं। शुक्रवार दोपहर कृतिका आंगन के झूले पर सो रही थी, जैसे हर मासूम बच्चा सोता है। मीरा पास ही बर्तन धोने में व्यस्त थीं। तभी दादी मीनाबाई ने चुपके से गमछा उठाया और कृतिका के मुंह में ठूंस दिया।
बच्ची की सिसकियां दब गईं और कुछ ही मिनटों में उसकी जान पर बन आई। मीनाबाई ने शव को जल्दबाजी में कपड़े में बांधा और घर के पिछवाड़े बने सूखे कुएं में फेंक दिया। ताकि कोई शक न करे, वह वापस आकर बाड़े की सफाई करने लगी, जैसे कुछ हुआ ही न हो।
गांव में बच्ची के गायब होने की खबर फैल गई। शुभम काम से लौटे, तो घर में सन्नाटा था। पूरा गांव तलाश में जुट गया। ग्राम कोटवार और कृतिका के दादा निर्भय सिंह ने कुएं में संदिग्ध पोटली देखी। जब उन्होंने निकालने की कोशिश की, तो मीनाबाई ने रोक दिया।
बहाना बनाया कि पोटली में माहवारी के गंदे कपड़े हैं, इन्हें छूना अशुभ है। लेकिन संदेह बढ़ा और पुलिस बुलाई गई। कुएं से पोटली निकालकर खोली गई, तो अंदर कृतिका का शव था। तीन दिन पुराना शव देखकर सबके रोंगटे खड़े हो गए।
गमछे से दम घोंटा
सिवनी मालवा थाने की पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया। शव को जिला अस्पताल भेजा गया, जहां फोरेंसिक विशेषज्ञों की सलाह पर दो डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमॉर्टम किया। रिपोर्ट ने क्रूरता की पोल खोल दी- कृतिका के मुंह में 24 सेंटीमीटर लंबा और 10 सेंटीमीटर चौड़ा गमछे का टुकड़ा मिला, जिससे दम घुट गया।
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थाना प्रभारी राजेश दुबे ने बताया, “मीनाबाई ने पूछताछ में जुर्म कबूल कर लिया। कहा कि पोती उसे बोझ लगती थी, पोता ही चाहिए था।” पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNSS) की धारा 103(1) (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया। मीनाबाई को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।