Pipariya Navratri Procession Accident : पिपरिया। मध्य प्रदेश में शारदीय नवरात्रि 2025 की धूम चारों तरफ छाई हुई है। मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना और गरबा-शोभायात्राओं का सिलसिला जोरों पर है, लेकिन इसी बीच नर्मदापुरम जिले के पिपरिया शहर में एक ऐसा हादसा टल गया, जिसने भक्तों के दिलों में सिहरन पैदा कर दी।
सोमवार देर रात (22 सितंबर 2025) महाकाली समिति द्वारा निकाली गई काली प्रतिमा स्थापना की शोभायात्रा के दौरान आतिशबाजी की चिंगारी देवी प्रतिमा की चुनरी पर गिर गई, जिससे आग लग गई। समिति सदस्यों की तत्परता से आग बुझा ली गई, और हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
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शोभायात्रा का उत्साह, फिर अचानक संकट
पिपरिया शहर में नवरात्रि का जश्न जोर-शोर से मनाया जा रहा था। महाकाली समिति ने रात करीब 11 बजे काली प्रतिमा स्थापना की भव्य शोभायात्रा निकाली, जिसमें सैकड़ों भक्त शामिल हुए। डीजे की धुनों पर नाचते-गाते लोग मंगलवार चौराहे तक पहुंचे, जहां उत्साह में आतिशबाजी शुरू हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आतिशबाजी प्रतिमा के बहुत नजदीक से की जा रही थी। इसी दौरान एक चिंगारी सीधे देवी की चुनरी पर गिर पड़ी, और देखते ही देखते आग फैलने लगी। भक्तों में हड़कंप मच गया – चीखें, धक्कम-धक्का, और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
समिति के सदस्यों ने फौरन सूझबूझ दिखाई। उन्होंने आसपास के कपड़ों और पानी की मदद से आग पर काबू पा लिया। आग की चपेट में आकर प्रतिमा के चेहरे का कपड़ा जल गया, जिसे हटाना पड़ा। सौभाग्य से, न तो कोई भक्त जख्मी हुआ और न ही प्रतिमा को कोई बड़ा नुकसान पहुंचा।
प्रतिमा के पास आतिशबाजी निषेध
घटना की सूचना मिलते ही पिपरिया थाने की टीम मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी ने साफ शब्दों में कहा, “प्रतिमा के नजदीक आतिशबाजी करना खतरनाक और निषिद्ध है। यह लापरवाही भरा कदम था, जो किसी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकता था।”
उन्होंने समिति को चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी गलती न दोहराई जाए। त्रिपाठी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आतिशबाजी की अनुमति थी, लेकिन दूरी का पालन नहीं किया गया। पुलिस ने आसपास के आयोजकों को भी निर्देश दिए कि नवरात्रि के बाकी दिनों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन हो।
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