Radium Belts are Being Worn on Cows : रायसेन, मध्य प्रदेश। रायसेन जिले में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए एक अनोखी पहल की शुरुआत हो गई है। हिंदू युवा संगठन ने शुक्रवार रात से सड़कों पर बैठने वाली गायों के गले में रेडियम बेल्ट बांधने का अभियान शुरू किया। यह अभियान सागर तिराहे से पठारी तक के व्यस्त मार्ग पर शुरू हुआ, जहां रात में गायों के कारण अक्सर वाहन चालकों को परेशानी होती है।
पहले दिन ही एसडीएम मनीष शर्मा ने खुद उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने गायों के गले में रेडियम बेल्ट बांधकर अभियान को हरी झंडी दिखाई। एसडीएम ने कहा, “यह पहल सड़क सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। रेडियम बेल्ट की चमक से गायें रात में दूर से ही वाहन चालकों को नजर आ जाएंगी, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी।” यह देखकर स्थानीय लोग भी प्रभावित हुए और कई ने खुद हाथ बंटाने की पेशकश की।
जानकारी के मुताबिक, अभियान 8 दिनों तक चलेगा और संगठन के प्रमुख बृजेश चावला ने बताया कि पहले दिन ही लगभग 100 गायों को रेडियम बेल्ट पहनाई गई। संगठन ने कुल 150 बेल्ट मंगवाई हैं, जिन्हें शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सड़कों पर घूमने या बैठने वाली गायों के गले में लगाया जाएगा।
बृजेश चावला ने कहा, “हमारा मकसद सिर्फ गायों की रक्षा नहीं, बल्कि ड्राइवरों और राहगीरों की जान बचाना भी है। रायसेन जैसे क्षेत्रों में सड़कें व्यस्त हैं, और रात में गायों को देख न पाने से कई हादसे हो चुके हैं। यह बेल्ट सस्ती और प्रभावी है, जो चमकती हुई दूर तक दिखाई देती है।” अभियान के दौरान टीम ने गायों को पकड़ने में भी सावधानी बरती, ताकि उन्हें कोई नुकसान न पहुंचे।
इस कार्यक्रम में तहसीलदार भरत मंड्रे, हिंदू युवा संगठन के प्रमुख दीपक ठाकुर, शुभम बेदी, सौरभ जाट, धर्मेंद्र ठाकुर, आकाश लोधी, शुभम शर्मा और केशव ठाकुर सहित पूरी टीम मौजूद रही। सभी ने मिलकर गायों को बेल्ट बांधने में मदद की। यह पहल सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के साथ-साथ पशु कल्याण को भी बढ़ावा देगी।
रायसेन में हाल के वर्षों में गायों से जुड़ी दुर्घटनाएं बढ़ी हैं, खासकर हाईवे पर। संगठन का कहना है कि यह अभियान सफल होने पर अन्य जिलों में भी फैलाया जाएगा। स्थानीय ट्रैफिक पुलिस ने भी इसका समर्थन किया है और कहा कि इससे रात के समय वाहन चालकों को सतर्क रहने में मदद मिलेगी।