Newborn Baby Dies in Narmadapuram SNCU : नर्मदापुरम। नई जिंदगी की शुरुआत ही दुखद अंत में बदल गई। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिला अस्पताल में एक नवजात शिशु की मौत ने परिवार को तोड़ दिया है। जन्म के महज एक दिन बाद SNCU वार्ड में हुई इस घटना ने परिजनों को आक्रोशित कर दिया। परिवार वालों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
नर्मदापुरम जिला अस्पताल के SNCU वार्ड में भर्ती एक नवजात शिशु की मंगलवार, 9 सितंबर 2025 को दोपहर 3 बजे मौत हो गई। शिशु का जन्म सोमवार को ही हुआ था। इस घटना ने परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया। नवजात के पिता रोहित मेहरा ने बताया कि बच्चे को जन्म के तुरंत बाद SNCU में रखा गया था, लेकिन मिलने की अनुमति नहीं दी गई।
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माखननगर के कोठारिया गांव की निवासी ज्योति मेहरा (27), पत्नी रोहित मेहरा, को सोमवार दोपहर 1:30 बजे नॉर्मल डिलीवरी से 2.8 किलोग्राम वजन का बच्चा पैदा हुआ। जन्म के बाद बच्चे को सांस लेने में दिक्कत होने पर SNCU में भर्ती किया गया। परिजनों को कांच के पार से ही बच्चे को देखने दिया गया लेकिन अंदर जाकर मिलने की इजाजत नहीं मिली। आज दोपहर जब परिवार मिलने पहुंचा, तो डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे की मौत हो चुकी है।
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। बच्चे के चाचा दिनेश मेहरा ने कहा कि जन्म के बाद डॉक्टरों ने बताया था कि बच्चे के फेफड़ों में समस्या है। लेकिन मिलने की जिद करने पर ही मौत की खबर दी गई। परिवार ने RMO डॉ. गजेंद्र यादव से शिकायत की।
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SNCU के ड्यूटी डॉक्टर और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रितुराज सिंह ने स्पष्ट किया कि बच्चा जन्म के समय रोया नहीं था। उसके मुंह में गंदा पानी फेफड़ों में चला गया था, जिससे ऑक्सीजन सैचुरेशन नहीं आ रही थी। डॉक्टरों ने सीपीआर और अन्य उपाय किए, लेकिन बच्चा बच नहीं सका।
परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। वे अस्पताल में चीखे-चिल्लाए और लापरवाही का आरोप लगाते रहे। पुलिस और प्रशासन ने स्थिति संभाली। बच्चे का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। परिवार ने मांग की कि इस घटना की निष्पक्ष जांच हो। अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि सभी प्रयास किए गए, लेकिन बच्चे की हालत गंभीर थी।