मध्य प्रदेश। उज्जैन में शनिवार रात शिप्रा नदी में एक कार के अनियंत्रित होकर गिरने की घटना में तीन पुलिसकर्मी लापता हो गए थे, जिनमें से दो की तलाश अब भी जारी है। रविवार को दिनभर चले व्यापक रेस्क्यू ऑपरेशन के बावजूद नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), होमगार्ड और स्थानीय गोताखोरों की टीमें सब-इंस्पेक्टर (एसआई) मदनलाल निमामा और कॉन्स्टेबल आरती पाल को नहीं ढूंढ सकीं।
हालांकि, रविवार सुबह करीब 8 बजे थाना प्रभारी अशोक शर्मा का शव घटनास्थल से 4 किलोमीटर दूर मंगलनाथ क्षेत्र में बरामद किया गया। अंधेरा होने के कारण रविवार शाम को रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया था। सोमवार को फिर से एनडीआरएफ के 30, होमगार्ड के 20 से अधिक और शिप्रा तैराक दल के 22 सदस्यों की टीम ने तलाशी अभियान शुरू किया है।
उज्जैन के पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रदीप शर्मा ने बताया कि तीनों पुलिसकर्मी-थाना प्रभारी अशोक शर्मा, एसआई मदनलाल निमामा, और कॉन्स्टेबल आरती पाल- शनिवार को एक 14 वर्षीय लड़की के लापता होने के मामले की जांच के लिए उज्जैन से चिंतामन जा रहे थे। इसी दौरान उनकी कार रामघाट के पास एक बिना रेलिंग वाले पुल से अनियंत्रित होकर शिप्रा नदी में जा गिरी। तेज बहाव के कारण कार तुरंत डूब गई।
एसपी ने कहा कि अशोक शर्मा के परिवार को जल्द अनुकंपा नियुक्ति और पेंशन सहित अन्य सरकारी सहायता प्रदान की जाएगी।
थाना प्रभारी अशोक शर्मा का अंतिम संस्कार रविवार को उज्जैन के चक्र तीर्थ घाट पर किया गया। इस दौरान एडीजी उमेश जोगा, एसपी प्रदीप शर्मा, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उनके बड़े बेटे दर्श शर्मा ने उन्हें मुखाग्नि दी।
पुलिस के अनुसार, कार कॉन्स्टेबल आरती पाल चला रही थीं, और यह उनकी निजी सफेद रंग की कार थी। 41 वर्षीय आरती पाल अविवाहित थीं और छह महीने पहले उनके भाई का निधन हो गया था।
घटना के समय पुल पर तैनात एएसआई लोकेश सिंह तोमर ने देखा कि कार असंतुलित होकर नदी में गिरी। सूचना मिलते ही एसपी प्रदीप शर्मा, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, अपर आयुक्त संतोष टैगोर, एसडीईआरएफ, होमगार्ड, और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
एसपी शर्मा ने बताया कि कार पुल के बाईं ओर से करीब 12 फीट नीचे नदी में गिरी। नदी का तेज बहाव और कीचड़ भरा पानी बचाव कार्य को और जटिल बना रहा है। पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें लगातार लापता पुलिसकर्मियों और कार की तलाश में जुटी हैं। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और समुदाय को गहरे शोक में डाल दिया है।