Ratlam Conversion Case : रतलाम। मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में इलाज के बहाने धर्मांतरण कराने के आरोप में पकड़े गए चार लोगों में से तीन को रविवार को जेल भेज दिया गया, जबकि एक आरोपी, विक्रम सिंह (35), को पुलिस ने एक दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस इस मामले में गहन पूछताछ कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस गतिविधि में और कौन-कौन शामिल था।
दरअसल, बीते 5 सितंबर को औद्योगिक थाना क्षेत्र के अंतर्गत टैंकर रोड पर एक झोपड़ी में इलाज के नाम पर धर्मांतरण की सूचना मिली थी। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच की और चार संदिग्धों को पकड़ा। हालांकि, झोपड़ी का मालिक मौके से फरार हो गया था, जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
मौके पर बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय के लोग, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल थे, प्रार्थना और कथित इलाज के लिए एकत्र हुए थे। जांच के दौरान वहां बाइबल और क्रॉस जैसी धार्मिक सामग्री भी बरामद हुई।
Vidisha Minor Rape : विदिशा में 5 साल की बच्ची से दरिंदगी, कांग्रेस बोली- आरोपी को फांसी दो…
पुलिस ने इस मामले में मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3 और 5 के तहत प्रकरण दर्ज किया। रविवार को चारों आरोपियों को विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां तीन को जेल भेज दिया गया और एक को पुलिस रिमांड पर भेजा गया।
जेल भेजे गए आरोपी:
जगदीश निनामा (30), पुत्र शंभूलाल निनामा, रिछखोरा, थाना सरवन, रतलाम।
मांगीलाल निनामा (35), पुत्र शंकरलाल निनामा, सागवा, थाना बिलकुआं, जिला बांसवाड़ा, राजस्थान।
गुड्डू उर्फ गुड्डा (18), पुत्र बालू मईड़ा, गेणी, थाना शिवगढ़, रतलाम।
पुलिस रिमांड पर:
विक्रम सिंह (35), पुत्र शंभूलाल उर्फ शंभू निनामा, रिछखोरा, थाना सरवन, शिव नगर, रतलाम।
शिकायतकर्ता कैलाश निनामा, जो अनुसूचित जनजाति से हैं और मजदूरी करते हैं, ने पुलिस को बताया कि चार-पांच महीने पहले बीमारी के कारण वह रतलाम मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुए थे। वहां उनकी मुलाकात जगदीश निनामा से हुई, जिसने दावा किया कि वह प्रभु यीशु की प्रार्थना के जरिए उनके दुख और बीमारी को ठीक कर सकता है। जगदीश और उसके भाई विक्रम सिंह ने कैलाश को शिव नगर में प्रार्थना और इलाज के लिए बुलाया, जहां उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया।
पुलिस अब रिमांड पर लिए गए विक्रम सिंह से पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क के अन्य लोगों और इसकी गहराई का पता लगाया जा सके। यह मामला रतलाम में सामाजिक और धार्मिक संवेदनशीलता को उजागर करता है, और स्थानीय प्रशासन इसकी गंभीरता से जांच कर रहा है।