Jabalpur News : जबलपुर, मध्य प्रदेश। सिवनी जिले के कूडो बुधवारा गांव में एक युवक सत्येंद्र उइके (19) की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी आशीष धुर्वे उर्फ बिहारी (19) ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस पूछताछ में आशीष ने बताया कि उसकी इकलौती नाबालिग बहन ने रक्षाबंधन के दिन उसे राखी बांधने से मना कर दिया था, क्योंकि वह सत्येंद्र उइके के साथ अपने रिश्ते को लेकर भाई से नाराज थी।
आशीष ने सत्येंद्र को पहले चेतावनी दी थी और उसकी पिटाई भी की थी। इस बात से आहत होकर आशीष ने अपने चार दोस्तों के साथ मिलकर सत्येंद्र की हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया।
यह घटना 15 अगस्त को घटी, जब आशीष और उसके दोस्तों- हेमराज, ब्रजेश, सचिन, और शिवदीन-ने सत्येंद्र को मारने की योजना बनाई। सत्येंद्र की हत्या के बाद जबलपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सबसे पहले सचिन को हिरासत में लिया। इसके बाद 6 सितंबर को मुख्य आरोपी आशीष धुर्वे और दो अन्य साथियों को सागर से गिरफ्तार किया गया। ये सभी हत्या के बाद चेन्नई भाग गए थे।
शनिवार को बरगी पुलिस ने चारों आरोपियों- आशीष, शिवदीन, ब्रजेश, और सचिन- को सागर से जबलपुर लाकर कोर्ट में पेश किया, जहां आशीष को एक दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया।
जांच के अनुसार, सत्येंद्र और आशीष की 17 वर्षीय बहन के बीच प्रेम संबंध थे। एक साल पहले आशीष ने सत्येंद्र को अपनी बहन के साथ देखकर फटकार लगाई थी और चेतावनी दी थी। इसके बाद आशीष नौकरी के लिए भोपाल चला गया, जबकि सत्येंद्र रायगढ़ (छत्तीसगढ़) में काम करता था।
इस साल रक्षाबंधन (9 अगस्त) के लिए आशीष भोपाल से गांव आया था, लेकिन उसकी बहन ने सत्येंद्र के साथ हुए विवाद के कारण उसे राखी नहीं बांधी। इससे नाराज आशीष ने दोस्तों के साथ मिलकर सत्येंद्र की हत्या की योजना बनाई।
15 अगस्त को ब्रजेश ने सत्येंद्र को मंडला घूमने का लालच देकर बुलाया। दोपहर में सत्येंद्र ब्रजेश और सचिन के साथ बाइक पर निकला। बीझा जंगल में आशीष, हेमराज, और शिवदीन पहले से मौजूद थे। वहां पांचों ने सत्येंद्र पर हमला किया और आशीष ने उसका गला दबाकर हत्या कर दी। शव को घने जंगल में फेंक दिया गया।
20 अगस्त को चरवाहों ने जंगल में बदबू के कारण शव देखा और बरगी नगर चौकी प्रभारी सरिता पटेल को सूचना दी। पुलिस ने शव की पहचान की, जिसमें सत्येंद्र के हाथ में कड़ा और राखी मिली। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। आशीष ने सत्येंद्र का मोबाइल चेन्नई में बेच दिया और सिम फेंक दी थी।
आशीष की बहन ने सत्येंद्र को ब्रजेश और सचिन के साथ जाते देखा था, जिसकी जानकारी उसने पुलिस को दी। इस आधार पर सचिन को पकड़ा गया, जिसने पूरी साजिश कबूल कर ली। इसके बाद बरगी पुलिस ने सागर से अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया।