Bihar Bandh : पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मां की गाली देने के मामले में NDA (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) ने 4 सितंबर 2025 को बिहार बंद का आह्वान किया। सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक NDA कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर दुकानें बंद कराईं, चौक-चौराहों पर जाम लगाया, और कई जगहों पर आगजनी की।
इस प्रदर्शन ने 12 जिलों में जनजीवन को प्रभावित किया, और पटना में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। यह विवाद 27 अगस्त 2025 को दरभंगा में राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान मंच से PM को दी गई गाली से शुरू हुआ। आइए, इस पूरे मामले और इसके प्रभाव को विस्तार से समझते हैं।
बिहार बंद का प्रभाव
NDA के बिहार बंद ने कई जिलों में सामान्य जनजीवन को बाधित किया। समस्तीपुर, बेगूसराय, छपरा, हाजीपुर, दरभंगा, और अन्य 12 जिलों में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 2 से 3 घंटे तक जाम रहा। गाड़ियों की लंबी कतारें लगीं, जिससे यात्रियों, मरीजों और स्कूल-कॉलेज जाने वालों को खासी परेशानी हुई।
प्रमुख घटनाएं
पटना में आगजनी और सुरक्षा:
डाकबंगला चौक और सगुना मोड़ पर NDA कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर प्रदर्शन किया।
पटना हाईकोर्ट के एक जज और शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव की गाड़ियों को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। लगभग 2,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए, और कांग्रेस व RJD कार्यालयों की सुरक्षा बढ़ा दी गई।
जहानाबाद में विवाद:
कार्यकर्ताओं ने एक महिला शिक्षक को स्कूल जाते समय रोककर जबरन घर भेज दिया। एक युवक की पिटाई का मामला सामने आया।
भागलपुर में बदसलूकी:
बाइक से जा रहे एक पति-पत्नी के साथ कार्यकर्ताओं की बहस हुई। इसके बाद प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों ने बदसलूकी की शिकायत दर्ज करवाई।
दरभंगा में महिला मोर्चा सक्रिय:
BJP महिला मोर्चा ने चौक-चौराहों पर प्रदर्शन किया। हालांकि, एंबुलेंस और एयरफोर्स की गाड़ियों को रास्ता दिया गया।
बेगूसराय में मंत्री की मौजूदगी:
बिहार सरकार के मंत्री सुरेंद्र मेहता खुद सड़क पर उतरे और बंद को सफल बनाने में जुटे।
मुजफ्फरपुर में तनाव:
NH-27 पर जाम के दौरान RAF (रैपिड एक्शन फोर्स) जवानों और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हुई, जिसे बाद में बातचीत से सुलझाया गया।
यहां से हुई विवाद की शुरुआत
यह पूरा विवाद 27 अगस्त 2025 को दरभंगा में कांग्रेस की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान शुरू हुआ। इस रैली में मंच से मोहम्मद रिजवी नामक व्यक्ति ने PM नरेंद्र मोदी को उनकी मां के लिए अपमानजनक गाली दी। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद NDA कार्यकर्ताओं में भारी रोष फैल गया।
28 अगस्त 2025 को पुलिस ने रिजवी को लहेरियासराय, दरभंगा से गिरफ्तार कर लिया। रिजवी पर IPC की धारा 294 (अश्लील भाषा), धारा 504 (उकसावे की मंशा से अपमान), और IT एक्ट की धारा 67 (इलेक्ट्रॉनिक रूप से अश्लील सामग्री) के तहत मामला दर्ज किया गया।
NDA का गुस्सा बंद का कारण
NDA नेताओं, विशेष रूप से BJP और JD(U) ने इस घटना को कांग्रेस और RJD की साजिश करार दिया। उनका दावा है कि यह PM मोदी और उनकी मां हीराबेन मोदी का अपमान करने की सुनियोजित कोशिश थी।NDA ने इसे लोकतंत्र और मर्यादा का अपमान बताते हुए 4 सितंबर 2025 को 5 घंटे का बिहार बंद बुलाया। कार्यकर्ताओं ने #VoteChorGaddiChhod जैसे हैशटैग के साथ सोशल मीडिया पर भी कैंपेन चलाया और सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज किया।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई
- पटना SSP राजीव मिश्रा के नेतृत्व में 2,000 पुलिसकर्मी और 20 मजिस्ट्रेट तैनात किए गए। ड्रोन और CCTV से निगरानी की गई।
- रिजवी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश में है, जो मंच पर मौजूद थे। दरभंगा SP ने बताया कि जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या यह कोई सुनियोजित साजिश थी।
- कई जिलों में कार्यकर्ताओं पर आगजनी, सड़क जाम, और हिंसा के लिए IPC की धारा 188 (लोक सेवक के आदेश की अवहेलना) और 341 (गलत तरीके से रोकना) के तहत मामले दर्ज किए गए।
विपक्ष का जवाब
कांग्रेस का बयान: कांग्रेस ने इस घटना को अलग-थलग करार दिया और कहा कि यह उनके आधिकारिक बयान का हिस्सा नहीं था। राहुल गांधी ने मंच से दी गई गाली की निंदा की, लेकिन NDA ने इसे अपर्याप्त बताया। RJD ने इस मामले से दूरी बनाते हुए कहा कि यह व्यक्तिगत बयान था, और उनकी पार्टी इसका समर्थन नहीं करती।