‘पढ़ने आए हैं, कर्मचारी बनने नहीं’; शिक्षिका के खिलाफ छात्रों का हल्ला बोल, 3 घंटे सड़क पर बैठे
भोपाल के मिसरोद सरकारी स्कूल में छात्रों ने शिक्षिका बबिता कुशवाहा के खिलाफ प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने फेल करने की धमकी, मारपीट, लैब की सफाई कराने और ₹2,500 मांगने जैसे आरोप लगाए। शिक्षिका ने सभी आरोप खारिज किए हैं। मामले में शिकायत, ऑडियो और विभागीय जांच के बाद स्थिति साफ होगी।

Bhopal News: मिसरोद स्थित सरकारी नवीन हायर सेकंडरी स्कूल में सोमवार को छात्र-छात्राओं ने अपनी शिक्षिका बबिता कुशवाहा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। सुबह करीब 9 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन कई घंटे तक चला। विद्यार्थियों ने शिक्षिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें निलंबित करने की मांग की।
छात्रों का आरोप है कि शिक्षिका पढ़ाई के अलावा उनसे स्कूल और परीक्षा से जुड़े कई काम करवाती हैं। काम से इनकार करने पर फेल करने की धमकी देने और मारपीट करने का भी दावा किया गया है। दूसरी ओर, शिक्षिका ने इन आरोपों को गलत बताते हुए कहा है कि वह विद्यार्थियों से पढ़ाई को लेकर सख्ती करती हैं।
कार्रवाई की मांग पर अड़े छात्र
बता दें, प्रदर्शन के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी और मिसरोद थाना पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन छात्र-छात्राएं शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। विद्यार्थियों का कहना है कि जब तक शिक्षिका के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। इसी दौरान नाराज छात्रों ने स्कूल परिसर में वॉशरूम का गेट और CCTV भी तोड़ दिया।
‘हम पढ़ने आते हैं, कर्मचारी बनने नहीं’
जानकारी के अनुसार, कक्षा 11वीं के गणित और जीव विज्ञान के विद्यार्थियों ने प्राचार्य को लिखित शिकायत दी है। इसमें छात्रों ने आरोप लगाया कि यूपीएससी और अन्य परीक्षाओं के दौरान उनसे बेंच व्यवस्थित कराने, सफाई कराने और रोल नंबर लिखने जैसे काम करवाए जाते हैं। छात्रों ने यह भी दावा किया कि उन्हें रविवार को परीक्षा से जुड़े काम के लिए स्कूल बुलाया गया था। उनका आरोप है कि इन कामों से इनकार करने पर फेल करने की धमकी दी जाती थी। विद्यार्थियों का कहना है कि उनका उद्देश्य स्कूल में पढ़ाई करना है, न कि कर्मचारी की तरह काम करना।

छात्रों ने लगाए ये आरोप
साथ ही, छात्रों ने शिक्षिका पर लैब की सफाई कराने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि पढ़ाई के बजाय उनसे कई बार लैब और अन्य जगहों पर काम करवाया गया।
विद्यार्थियों ने शिक्षिका पर मारपीट के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में दावा किया गया कि उनके सामने कुछ सीनियर छात्रों को लोहे के पाइप से पीटा गया।
छात्रों ने शिक्षिका पर विज्ञान विषय लेने वाले विद्यार्थियों से प्रोजेक्ट के नाम पर हर महीने ₹2,500 मांगने का भी आरोप लगाया है।
छात्रों ने शिकायत में शिक्षिका पर कक्षा के दौरान मोबाइल पर बात करने और कई बार क्लास से बाहर चले जाने का आरोप भी लगाया। विद्यार्थियों का कहना है कि कुछ मौकों पर विषय समझाते समय भी शिक्षिका कक्षा में मौजूद नहीं रहती थीं।
छात्रों ने ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी
विद्यार्थियों ने शिक्षिका से बातचीत की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी स्कूल प्रबंधन को दी है। छात्रों के मुताबिक, इसमें परीक्षा परिणाम, पास-फेल, अभिभावकों से बातचीत और पैसों से जुड़े मुद्दों का जिक्र है।

शिक्षिका बोलीं- फिजिक्स के रिजल्ट के लिए सख्ती करती हूं
छात्रों के आरोपों पर शिक्षिका बबिता कुशवाहा ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि वह वर्ष 1999 से शिक्षण कार्य कर रही हैं और उनके पास करीब 26 से 30 साल का अनुभव है। उन्होंने केंद्रीय विद्यालय में भी पढ़ाने की बात कही। कुशवाहा के मुताबिक, वह विद्यार्थियों से फिजिक्स में बेहतर परिणाम के लिए सख्ती करती हैं, लेकिन पैसे लेकर पास कराने या फेल करने का आरोप पूरी तरह निराधार है।
बबिता कुशवाहा ने कहा कि उन्होंने कभी विद्यार्थियों से सफाई नहीं करवाई। उनके मुताबिक, स्कूल में ग्रुप-D कर्मचारी सफाई का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि प्रैक्टिकल के दौरान उपकरणों को व्यवस्थित करना और उन्हें साफ रखना विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक शिक्षा का हिस्सा सिखाने के लिए कराया जाता है। उनका कहना है कि इसे जबरन सफाई करवाने के रूप में पेश किया जा रहा है।
आवेदन के कुछ हस्ताक्षर फर्जी होने का दावा
बबिता कुशवाहा ने छात्रों की शिकायतों पर एक और सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें 18 और करीब 35 विद्यार्थियों के हस्ताक्षर वाले अलग-अलग आवेदन मिले हैं। उनका आरोप है कि इनमें कुछ ऐसे विद्यार्थियों के हस्ताक्षर भी हैं, जो उस समय मौके पर मौजूद नहीं थे। शिक्षिका ने कहा कि वह विभागीय जांच के दौरान इससे जुड़े तथ्य अधिकारियों के सामने रखेंगी।
नोटिस का जवाब देंगी शिक्षिका
बबिता कुशवाहा ने बताया कि उन्हें प्राचार्य की ओर से नोटिस मिला है और वह उसका जवाब तैयार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य विद्यार्थियों का भविष्य बेहतर बनाना है। शिक्षिका ने यह भी कहा कि आगे से वह विद्यार्थियों को डांटने के बजाय उनकी बात सुनकर समझाने की कोशिश करेंगी।


