कूनो नेशनल पार्क से आई बड़ी खुशखबरी, 32 महीने की मादा चीता ने 5 शावकों को दिया जन्म
कूनो नेशनल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बहुत ही अच्छी खबर सामने आई है। यहां एक मादा चीता ने 5 नन्हे शावकों को जन्म दिया है, जिससे प्रोजेक्ट चीता को बड़ी कामयाबी मिली है।

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से आज एक बेहद शानदार खबर सामने आई है। 'प्रोजेक्ट चीता' के तहत भारतीय जमीन पर चीतों का कुनबा बहुत ही तेजी से बढ़ रहा है। इसी कड़ी में महज 32 महीने की एक मादा चीता जिसका नाम KJP21 है, उसने पांच एकदम स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इस बड़ी और खुशी की खबर के आते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चीतों की निगरानी में लगी पूरी टीम की मेहनत की जमकर तारीफ की और उन्हें बधाई दी।
अब देश में हो गए पूरे 60 चीते
इन पांच नए नन्हे मेहमानों के आने के बाद अब भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 60 तक पहुंच गई है। सबसे अच्छी बात यह है कि इन 60 चीतों में से 41 चीते ऐसे हैं, जिनका जन्म हमारी अपनी भारतीय धरती पर ही हुआ है। कूनो में इन नए बच्चों का जन्म प्रोजेक्ट चीता के लिए एक बहुत बड़ी जीत माना जा रहा है। वन विभाग के अधिकारी लगातार मां और उसके सभी बच्चों की सेहत पर नजर गड़ाए बैठे हैं।
मुखी और KGP12 के बाद KJP21 का नंबर
आपको बता दें कि यह जो 5 बच्चों की मां बनी है (KJP21), इसका खुद का जन्म भी भारत में ही हुआ था। इस तरह वह अब भारतीय धरती पर शावकों को जन्म देने वाली तीसरी मादा चीता बन गई है। इससे पहले मुखी और KGP12 नाम की मादा चीते भी यहीं बच्चों को जन्म दे चुकी हैं। KJP21 का पहली बार मां बनना यह साफ दिखाता है कि कूनो का माहौल चीतों के परिवार बढ़ाने के लिए एकदम परफेक्ट साबित हो रहा है।
जानाकीर ने बताया बोत्सवाना का कनेक्शन
इस जन्म को लेकर एक और बहुत खास बात सामने आई है। वन्यजीव विशेषज्ञ जानाकीर ने बताया कि इन पांचों बच्चों के पिता बोत्सवाना देश से भारत लाए गए नर चीता हैं। इसका मतलब यह हुआ कि इन शावकों के जन्म के साथ ही अपने देश में पहली बार 'बोत्सवाना वंशावली' (Botswanan lineage) की शुरुआत हो गई है।
जेनेटिक फायदे के लिए बहुत जरूरी था ये जन्म
जानवरों को बचाने के हिसाब से देखें तो यह जन्म बहुत ही अहम है। प्रोजेक्ट चीता का मकसद सिर्फ चीतों की गिनती बढ़ाना नहीं है, बल्कि उनकी जेनेटिक क्वालिटी को भी बनाए रखना है। अब जब यह नई बोत्सवाना वंशावली भारत में जुड़ गई है, तो आने वाले समय में यहां पनप रही चीतों की नई पीढ़ी को बहुत ज्यादा फायदा मिलेगा और वे कम बीमार पड़ेंगे।
सीएम मोहन यादव ने पूरी टीम की थपथपाई पीठ
भारत में चीतों को फिर से बसाने के इस अभियान में लगातार मिल रही यह कामयाबी एक बहुत बड़ा माइलस्टोन है। कूनो में चीतों की सेहत और सुरक्षा के लिए वन विभाग की टीमें दिन-रात एक कर रही हैं। इन नए बच्चों के आने से चीता प्रोजेक्ट को एक नई ताकत मिली है। इस शानदार मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रोजेक्ट से जुड़े सभी पशु डॉक्टरों, वन अधिकारियों, ग्राउंड स्टाफ और मैनेजमेंट की पीठ थपथपाई है। उन्होंने इसे एक बहुत ही उत्साह बढ़ाने वाली कामयाबी बताया है।

