लाड़ली बहना योजना पर सीएम मोहन यादव का मजेदार बयान, बोले- 'मुख्यमंत्री बनते ही पड़ी भारी मार'
भोपाल से एक बड़ी और दिलचस्प खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना को लेकर एक मजाकिया बयान दिया है, जिसकी हर तरफ खूब चर्चा हो रही है।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बहुत ही दिलचस्प खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना के खर्च को लेकर एक ऐसा मजाकिया बयान दिया है, जो अब चर्चा का विषय बन गया है। यह पूरा वाकया भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित 'बुंदेली समागम' कार्यक्रम के दौरान हुआ। वहां एक सवाल का जवाब देते हुए सीएम ने हंसते हुए स्वीकार किया कि मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद उन्हें इस योजना से जुड़ी इतनी बड़ी आर्थिक जिम्मेदारी का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था।
बिन्नू रानी के सवाल पर सीएम का हाजिरजवाब
दरअसल, इस कार्यक्रम में छतरपुर से आई मशहूर कंटेंट क्रिएटर बिन्नू रानी ने मुख्यमंत्री से एक सीधा सा सवाल पूछ लिया। उन्होंने पूछा कि आपने प्रदेश की बहनों के लिए तो बहुत काम कर दिया है, अब बेटियों के लिए आपकी क्या योजना है? यह सवाल सुनते ही सीएम मोहन यादव ने बहुत ही हल्के-फुल्के अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, “तुमको मालूम नहीं, लाड़ली बहना ही बहुत महंगी पड़ गई। मुझे क्या पता था मुख्यमंत्री बनते ही इतनी भारी मार पड़ती है।” सीएम की यह बेबाक बात सुनते ही वहां मौजूद सारे लोग जोर-जोर से हंसने लगे।
1000 से 1500 तक पहुंची मदद की राशि
माहौल हल्का करने के बाद मुख्यमंत्री ने गंभीरता से बताया कि इस लाड़ली बहना योजना की शुरुआत हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक मदद से की गई थी। इसे लागू करते वक्त सरकार के सामने कई बड़ी चुनौतियां आईं। लेकिन अब सभी पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की राशि दी जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार अपनी बहनों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने देगी। वहीं, बिन्नू रानी से चुटकी लेते हुए सीएम ने कहा कि तुम तो अभी इस योजना के लिए बहुत छोटी हो, जब बड़ी हो जाओगी तब इसका फायदा जरूर ले सकती हो।
24 घंटे में नहीं सुलझ सकती बुंदेलखंड की गुत्थी
उसी कार्यक्रम के दौरान एक युवा ने भी सीएम से एक बड़ा सवाल पूछ लिया। उसने पूछा कि अगर आपको बुंदेलखंड की किसी एक समस्या को सिर्फ 24 घंटे में खत्म करने का मौका मिले, तो आप किसे चुनेंगे? इस पर सीएम ने बड़ी ही साफगोई से जवाब दिया कि बुंदेलखंड की परेशानियों को केवल 24 घंटे में खत्म करना बिल्कुल भी आसान काम नहीं है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि “बुंदेलखंड की समस्या 24 घंटे में तो भगवान भी हल नहीं कर सकते।”
केन-बेतवा से रुकेगा गांव का पलायन
सीएम मोहन यादव ने बुंदेलखंड के युवाओं के हुनर और प्रतिभा की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों में टैलेंट की कोई कमी नहीं है, बस सरकार का काम उन्हें आगे बढ़ने के लिए अच्छे मौके देना है। इस दौरान उन्होंने बुंदेलखंड से होने वाले पलायन के बड़े मुद्दे पर भी खुलकर बात की। सीएम ने माना कि रोजगार और सिंचाई के साधनों की कमी के कारण लोगों को अपने घर छोड़कर दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। इस मजबूरी को खत्म करने के लिए सरकार 'केन-बेतवा' जैसी बड़ी सिंचाई परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रही है, ताकि खेतों को भरपूर पानी मिले और स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के नए साधन बन सकें।

