विवाद सुलझाने पहुंची पुलिस तो दरांता लेकर खड़ी हो गई महिला, ट्रैक्टर पर चढ़ी दूसरी ने कहा- नहीं मानूंगी आदेश
सीहोर के रोला गांव में जमीन की जुताई को लेकर विवाद उस समय बढ़ गया, जब पुलिस के सामने एक महिला दरांता लेकर खड़ी हो गई और दूसरी ट्रैक्टर पर चढ़कर सरकारी आदेश मानने से इनकार करने लगी। खेत मालिक ने कुछ लोगों पर डंडे-पत्थरों से हमला करने का आरोप लगाया है। पुलिस जांच कर रही है।
Sehore Land Dispute: सीहोर जिले के रोला गांव में जमीन विवाद सुलझाने पहुंची पुलिस के सामने सोमवार शाम उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब एक महिला हाथ में दरांता लेकर खेत में खड़ी हो गई। वहीं, दूसरी महिला ट्रैक्टर पर चढ़ गई और सरकारी आदेश के मुताबिक खेत में जुताई कराने का विरोध करने लगी। पुलिस और ग्रामीणों की मौजूदगी में काफी देर तक बहस और हंगामे की स्थिति बनी रही। हालांकि, मौके पर हिंसा होने की सूचना नहीं है।
जुताई कराने पहुंचे थे ट्रैक्टर चालक और खेत मालिक
जानकारी के अनुसार, खेत मालिक भगवत मेवाड़ा और ट्रैक्टर चालक बंसीलाल जमीन की जुताई करने पहुंचे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के कुछ लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। भगवत मेवाड़ा का आरोप है कि विरोध कर रहे लोगों ने उनके साथ डंडों और पत्थरों से हमला किया। घटना के बाद उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस अधिकारियों से की और पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग रखी।
पुलिस पहुंची तो महिला दरांता लेकर सामने खड़ी हो गई
विवाद की जानकारी मिलने के बाद मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में भी दोनों पक्षों के बीच तनाव कम नहीं हुआ। इसी दौरान एक महिला हाथ में दरांता लेकर खड़ी दिखाई दी। दूसरी महिला ट्रैक्टर पर चढ़ गई और उसने जमीन की जुताई से जुड़े सरकारी आदेश को मानने से इनकार कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की।
2019 में जमीन खरीदने का दावा
खेत मालिक भगवत मेवाड़ा का कहना है कि उन्होंने विवादित जमीन वर्ष 2019 में राजेश, नारायण सिंह और लालचंद से खरीदी थी। उनके अनुसार, जमीन को लेकर विवाद सामने आने के बाद मामला तहसीलदार कोर्ट तक पहुंचा। तहसीलदार कोर्ट की ओर से खेत में जुताई करने का आदेश दिया गया था। इसी आदेश के आधार पर वे ट्रैक्टर लेकर खेत पहुंचे थे।
‘ट्रैक्टर मालिक और ड्राइवर का विवाद से कोई लेना-देना नहीं’
भगवत मेवाड़ा ने आरोप लगाया कि खेत की जुताई के दौरान सुनीता, प्रवीण समेत कुछ अन्य लोगों ने विरोध किया और उनके साथ मारपीट की। उनका कहना है कि इस पूरे विवाद में ट्रैक्टर मालिक और चालक की कोई भूमिका नहीं थी, फिर भी उन्हें मामले में गलत तरीके से घसीटा गया। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस के सामने दोनों पक्षों की स्थिति रही तनावपूर्ण
जमीन विवाद को लेकर दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें दे रहे हैं। एक पक्ष तहसीलदार कोर्ट के आदेश के आधार पर जुताई की बात कह रहा है, जबकि दूसरे पक्ष की ओर से इसका विरोध किया गया। पुलिस के पहुंचने के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और विवाद से जुड़े आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है। रोला गांव की यह घटना बताती है कि जमीन के पुराने विवाद किस तरह प्रशासनिक आदेश के बाद भी तनाव का कारण बन सकते है।

