खंडवा से मुख्यमंत्री मोहन यादव का कांग्रेस पर करारा प्रहार, बोले- मुस्लिम वोट खिसकने के डर से जांबाज पायलट की तारीफ तक नहीं कर रहे कांग्रेसी नेता
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खंडवा में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने वोट बैंक की राजनीति को लेकर विपक्ष को जमकर खरी-खोटी सुनाई।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर कांग्रेस पर तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति करने का सीधा इल्जाम लगाया है। खंडवा में रानी दुर्गावती जयंती के एक बड़े कार्यक्रम में बोलते हुए सीएम ने कहा कि कांग्रेस के नेता सिर्फ इसलिए कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ नहीं कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि कहीं उनके अल्पसंख्यक (मुस्लिम) वोट न खिसक जाएं। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर रानी दुर्गावती के बलिदान को याद किया और गोंड राजवंश के 52 गढ़ों के पुराने शासकों के वंशजों का दिल से सम्मान भी किया।
'शर्म आनी चाहिए ऐसी वोट की राजनीति पर'
मंच से अपनी बात रखते हुए सीएम ने कहा कि हमारे एक भारतीय ने अपनी जान पर खेलकर विमान में बैठे सैकड़ों लोगों की जान बचाई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी बहादुरी दिखाना हमारी भारतीय और सनातन संस्कृति का ही हिस्सा है। लेकिन कांग्रेस के नेताओं को बस अपने वोटों के नुकसान का डर सता रहा है, इसलिए वे कैप्टन मच्छार की तारीफ करने से बच रहे हैं। सीएम मोहन यादव ने साफ कहा कि वोट के लिए इस तरह की हल्की राजनीति करने पर कांग्रेस को शर्म आनी चाहिए। इसी के साथ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब उसने बालाघाट और दूसरे आदिवासी इलाकों में नक्सलवाद को खत्म करने के लिए कोई ठोस काम नहीं किया।
राहुल गांधी के बालाघाट दौरे पर उठाया बड़ा सवाल
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के 1 अक्टूबर वाले बालाघाट दौरे पर भी सीधा निशाना साधा। आपको बता दें कि राहुल गांधी हाल ही में बालाघाट गए थे, जहां उन्होंने संक्रामक बीमारी और कुपोषण से जान गंवाने वाले आदिवासी बच्चों के परिवारों से मुलाकात की थी। उस दौरान राहुल गांधी ने राज्य सरकार पर इन बीमारियों से निपटने में पूरी तरह फेल होने का आरोप लगाया था।
1999 की घटना याद दिलाकर कांग्रेस को दिखाया आईना
राहुल गांधी के उसी आरोप का जवाब देते हुए सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस के पुराने राजकाज की पोल खोल दी। उन्होंने बालाघाट, मंडला और डिंडोरी में नक्सली खौफ का पुराना मुद्दा उठाया। सीएम ने याद दिलाया कि 1999 में जब नक्सलियों ने तत्कालीन मंत्री लिखीराम कावरे की बेरहमी से हत्या कर दी थी, तब कांग्रेस का कोई भी बड़ा नेता उनके परिवार के आंसू पोंछने नहीं गया था। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि अब जब हमारी सरकार ने प्रदेश में नक्सलवाद पर काफी हद तक लगाम लगा दी है, तब जाकर कांग्रेस के नेता बालाघाट में फोटो खिंचवाने पहुंच रहे हैं।
उस जांबाज पायलट की कहानी जिसने बचाई 174 जान
जिस पायलट को लेकर यह पूरी बहस छिड़ी है, वो कैप्टन स्मित मच्छार हैं। कैप्टन स्मित फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 उड़ा रहे थे, जो दुबई से तेल अवीव जा रही थी और इसमें 174 यात्री सवार थे। 30 सितंबर को हवा में ही सह-पायलट ने कॉकपिट के अंदर मच्छार पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए। विमान तेजी से नीचे गिरने लगा था, लेकिन खून से लथपथ होने के बावजूद मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इससे क्रू और यात्रियों ने अंदर आकर हमलावर को दबोच लिया। बाद में फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक की तरफ मोड़कर सुरक्षित लैंड करा लिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जैसे तमाम बड़े नेताओं ने अस्पताल में उनसे बात की और उनकी इस गजब की बहादुरी को सलाम किया।