सऊदी अरब में एयरपोर्ट और तेल ठिकाने पर हमले, 1 भारतीय समेत 3 की मौत; 10 घायल
सऊदी अरब में दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अरामको के तेल प्रतिष्ठान पर हमलों में एक भारतीय समेत तीन लोगों की मौत हुई, जबकि 10 लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद उड़ानों के मार्ग बदले गए। अमेरिका ने भी अपने कुछ राजनयिकों और कर्मचारियों को देश छोड़ने को कहा है।


Saudi Arabia Airport and Oil Facility Attacks: सऊदी अरब में एयरपोर्ट और तेल प्रतिष्ठान को निशाना बनाकर किए गए हमलों में एक भारतीय नागरिक समेत तीन लोगों की मौत हो गई है। इन घटनाओं में 10 लोग घायल हुए हैं, जिनमें तीन भारतीय नागरिक शामिल हैं। हमलों के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और विमान सेवाओं के मार्ग में भी बदलाव किया गया है।
दम्माम स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक भारतीय की जान गई, जबकि दो भारतीयों समेत आठ लोग घायल हुए। दूसरी घटना सऊदी अरामको के तेल प्रतिष्ठान पर ड्रोन हमले की है। यहां नेपाल और फिलीपींस के एक-एक नागरिक की मौत हुई, जबकि एक भारतीय समेत दो लोग घायल हुए हैं। इस महीने सऊदी अरब पर छह बड़े हमले हो चुके हैं। इन घटनाओं में अब तक कम से कम 23 लोगों की मौत और 370 लोग घायल हुए है।
हमले के बाद एयर ट्रैफिक पर असर
सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने गुरुवार को एयरपोर्ट पर हमले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटना में हवाई अड्डे को नुकसान पहुंचा है। इसके बाद उड़ानों की आवाजाही पर असर पड़ा है। दम्माम फारस की खाड़ी के तट पर स्थित है और बहरीन तथा कतर के नजदीक है। हमले के बाद कुछ विमानों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा है।
अमेरिका ने अपने राजनयिकों और कर्मचारियों को सऊदी अरब छोड़ने को कहा
बता दें, हमलों के बीच अमेरिका ने सऊदी अरब में तैनात अपने कुछ राजनयिकों और सरकारी कर्मचारियों को परिवार के सदस्यों के साथ देश छोड़ने का निर्देश दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने नागरिक हवाई अड्डों और अन्य महत्वपूर्ण सुविधाओं को निशाना बनाए जाने को इस फैसले की वजह बताया है। क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा जोखिमों के बीच अमेरिका अपने कर्मचारियों की मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है।
अमेरिकी दूतावास पहले भी हो चुका है क्षतिग्रस्त
जानकारी के अनुसार, ईरान के खिलाफ अमेरिका की सैन्य कार्रवाई शुरू होने के शुरुआती दौर में सऊदी अरब स्थित अमेरिकी दूतावास को भी भारी नुकसान पहुंचा था। इसके बाद वहां सीमित संख्या में कर्मचारी काम कर रहे थे। हाल के हफ्तों में कुछ राजनयिकों की वापसी हुई थी, लेकिन नए हमलों के बाद सुरक्षा को लेकर चिंताएं फिर बढ़ गई हैं।
एयरपोर्ट और तेल प्रतिष्ठान पर हमलों के बाद अब क्षेत्रीय सुरक्षा, नागरिकों की आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ने वाले असर पर नजर रखी जा रही है।
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